
इंदौर, 16 जनवरी (पीटीआई) कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त की चपेट में आए लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात करेंगे। पार्टी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और आठ से 10 मरीजों की हालत गंभीर है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या सात बताई है, जिनमें एक पांच महीने का शिशु भी शामिल है।
पटवारी ने बताया कि राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचेंगे और बॉम्बे हॉस्पिटल नामक एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भागीरथपुरा इलाके का भी दौरा करेंगे और प्रभावित परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त करेंगे।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की मौजूदगी में दूषित पेयजल समस्या के समाधान पर चर्चा के लिए राज्यभर के बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और नगर पार्षदों को शामिल करते हुए एक सम्मेलन आयोजित करना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
उन्होंने कहा, “इसलिए हम यह सम्मेलन किसी अन्य तिथि पर आयोजित करेंगे।”
पटवारी ने यह भी दावा किया कि राज्य में आपूर्ति किए जा रहे 70 प्रतिशत पानी दूषित और पीने योग्य नहीं है। उन्होंने प्रदूषित पानी को “धीमा जहर” बताते हुए कहा कि यह किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।
सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए पटवारी ने आरोप लगाया, “इंदौर में दूषित पेयजल से कई मौतों के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और हम पर सवाल उठाने को लेकर हमें गालियां दे रहे हैं।” भागीरथपुरा के निवासियों का दावा है कि पिछले महीने इलाके में फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य सरकार ने गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के समक्ष एक स्थिति रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि इस प्रकोप में एक पांच महीने के शिशु सहित सात लोगों की मौत हुई है।
इस बीच, सरकारी महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक समिति द्वारा तैयार ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 लोगों की मौत किसी न किसी रूप में इस प्रकोप से जुड़ी हो सकती है।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर मीडिया के सवाल पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को पूरी ताकत के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष को पूरी शक्ति के साथ अपना काम करना चाहिए। उन्हें (राहुल गांधी को) आने दीजिए। अगर वे कोई अच्छे सुझाव देते हैं तो संबंधित लोगों को उन पर विचार करना चाहिए।”
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी भी अतीत में विपक्ष में रही है और जनता से जुड़े मुद्दों के लिए पूरी मजबूती से लड़कर लोगों का भरोसा जीता है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी के इंदौर आगमन से एक दिन पहले सुमित्रा महाजन ने अपने आवास पर जीतू पटवारी से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने भागीरथपुरा में फैले दस्त प्रकोप पर चर्चा की।
महाजन ने कहा, “बैठक के दौरान पटवारी ने मुझसे कहा कि शहर में दूषित पेयजल की समस्या के समाधान के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। मेरा भी मानना है कि इस मुद्दे को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सुलझाया जाना चाहिए। तकनीकी विशेषज्ञों के सुझाव भी लिए जाने चाहिए।”
‘विकसित भारत– जी राम जी अधिनियम’ पर बोलते हुए महाजन ने कांग्रेस के विरोध को “बेमतलब” बताया।
उन्होंने कहा, “इस कानून को संक्षेप में जी राम जी कहा जा रहा है। जब हम ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना चलाते हैं, तो सभी को राम याद आएंगे। यह एक अच्छी बात है।”
महाजन ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास कार्य के दौरान इंदौर की पूर्व होलकर शासक देवी अहिल्याबाई की मूर्तियों को नुकसान पहुंचने के आरोपों पर भी संतुलित प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, “हालांकि मुझे यह नहीं पता कि घाट पर कौन-सी मूर्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, लेकिन विकास के साथ-साथ ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वैसे भी वाराणसी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और कहा है कि मणिकर्णिका घाट पर जनता के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।”
