
नई दिल्ली, 22 जनवरी (पीटीआई): भारतीय वायुसेना के गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में ‘सिंदूर’ नामक एक विशेष फॉर्मेशन शामिल होगा, जिसमें राफेल, सुखोई-30, जैगुआर और मिग-29 लड़ाकू विमान भाग लेंगे। यह फॉर्मेशन पिछले साल मई में पाकिस्तान के साथ चार दिनों तक चली सैन्य झड़पों के दौरान स्थापित वायुसेना की बढ़त का शक्तिशाली प्रतीक होगा।
सैन्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कुल 29 विमान फ्लाईपास्ट का हिस्सा होंगे, जिनमें चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
इन विमानों द्वारा सिंदूर, ध्वज, प्रहार, गरुड़, अर्जन, वरुणा और वज्रांग जैसे विभिन्न फॉर्मेशन प्रदर्शित किए जाएंगे।
फ्लाईपास्ट के दौरान ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज भी लहराया जाएगा, जो 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए उच्च-परिशुद्धता त्रि-सेवा सैन्य अभियान की स्मृति में होगा।
सिंदूर फॉर्मेशन में दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान शामिल होंगे। ये सभी विमान ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थे।
इसके अलावा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच), अपाचे हेलीकॉप्टर, भारतीय नौसेना का पी-8आई समुद्री निगरानी विमान और एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी फ्लाईपास्ट में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में एक विशाल विशेष फॉर्मेशन भी समर्पित किया जाएगा।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकी ढांचे पर हवाई हमले किए गए थे।
इन हमलों के बाद चार दिनों तक तीव्र सैन्य संघर्ष हुआ, जो 10 मई की शाम सैन्य कार्रवाई रोकने की समझ के साथ समाप्त हुआ।
भारत सोमवार को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जिसमें सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें विशिष्ट मार्चिंग टुकड़ियां, मिसाइलें और स्वदेशी हथियार प्रणालियां शामिल होंगी।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस परेड के मुख्य अतिथि होंगे।
