रेलवे ने एमपी परियोजना के लिए अंतिम मंजूरी मांगी, 1 लाख से अधिक पेड़ काटे जा सकते हैं

Railway seeks final nod for MP project that could see over 1 lakh trees being felled

इंदौर, 12 फरवरी (भाषा)। रेलवे ने मध्य प्रदेश में घने जंगलों के माध्यम से महू-खंडवा लाइन के गेज परिवर्तन को शुरू करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मांगी है।

उन्होंने कहा कि मंजूरी मिलने के बाद दो जिलों में ब्रॉड गेज लाइन के लिए मार्ग को साफ करने के लिए लगभग 1.24 लाख पेड़ काटे जा सकते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि 156 किलोमीटर लंबी ब्रॉड गेज लाइन आजादी से पहले रियासत के दौर में बिछाई गई 118 किलोमीटर लंबी नैरो गेज लाइन की जगह लेगी। गेज परिवर्तन का काम जारी है और अगले दो वर्षों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने एक बयान में कहा कि लगभग 90 किलोमीटर महू (डॉ अंबेडकर नगर)-ओंकारेश्वर रोड खंड के लिए शेष गेज परिवर्तन कार्य के लिए केंद्रीय मंत्रालय से अंतिम मंजूरी की आवश्यकता है।

महू और मुख्तयारा-बलवाड़ा के बीच लगभग 454 हेक्टेयर वन भूमि पर निर्माण होगा। भूमि अधिग्रहण के लिए रेलवे पहले ही वन विभाग के पास 100.08 करोड़ रुपये जमा करा चुका है और मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त कर चुका है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि महू-खंडवा गेज परिवर्तन उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगा, जिससे यात्री सेवाओं और माल ढुलाई दोनों में सुधार होगा।

वन विभाग के एक अधिकारी ने अनुमान लगाया कि इंदौर और पड़ोसी खरगोन जिलों में शेष निर्माण के लिए लगभग 1.24 लाख पेड़ों को काटने की आवश्यकता हो सकती है।

उन्होंने कहा कि विभाग ने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और बड़ी संख्या में पेड़ों के संरक्षण के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित क्षेत्र के दोगुने क्षेत्र में क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जाएगा। पीटीआई एचडब्ल्यूपी एलएएल बीएनएम

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