नई दिल्ली, 8 जुलाई (पीटीआई) — सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को एक सैन्य अधिकारी को कर्तव्य से बढ़कर असाधारण पेशेवर दक्षता और निःस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया।
5 जुलाई को, झांसी मिलिट्री अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने गृह नगर हैदराबाद जा रहे मेजर बाचवाला रोहित ने झांसी रेलवे स्टेशन पर एक महिला की आपातकालीन डिलीवरी कराई। सेना ने एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि यह घटना सैन्य सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण है।
सेना ने कहा, “मेजर रोहित ने अद्भुत सूझबूझ और चिकित्सकीय कौशल दिखाते हुए रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही तौलिया, चाकू और हेयर क्लिप जैसी उपलब्ध चीजों का उपयोग कर आपातकालीन डिलीवरी कराई।”
सेना ने उस महिला और नवजात शिशु के साथ मेजर रोहित की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे रेलवे प्लेटफॉर्म पर शिशु को गोद में लिए हुए नजर आ रहे हैं।
पोस्ट में कहा गया, “कर्तव्य से बढ़कर निःस्वार्थ सेवा के लिए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आज मेजर बाचवाला रोहित को असाधारण पेशेवर दक्षता और निःस्वार्थ समर्पण के लिए सम्मानित किया।”
5 जुलाई 2025 को, झांसी रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट के पास एक महिला, जो व्हीलचेयर से गिर गई थी, प्रसव पीड़ा में थी। मेजर रोहित ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत प्लेटफॉर्म पर ही डिलीवरी कराई।
आपातकालीन डिलीवरी के बाद नवजात शिशु जन्म के समय प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था, लेकिन मेजर रोहित ने सफलतापूर्वक उसे पुनर्जीवित किया। बाद में मां को प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलता हो गई, जिसे उन्होंने उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सा निर्णय से संभाला।
मां और नवजात दोनों को उनकी देखरेख में स्थिर किया गया और आगे के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया।
सेना ने कहा, “गैर-चिकित्सकीय और सीमित संसाधनों की परिस्थितियों में मेजर रोहित की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई उनकी चिकित्सा दक्षता, दबाव में संयम और सशस्त्र बलों की भावना के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।”
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