
पटना, 30 दिसंबर (पीटीआई) बिहार के पथ निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि रोहतास जिले में ट्रायल के दौरान नवनिर्मित रोपवे गिरने की घटना के सिलसिले में राज्य सरकार ने दो इंजीनियरों को निलंबित करने का फैसला किया है और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
26 दिसंबर को रोहतास जिले में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया था, जब ट्रायल के दौरान नवनिर्मित रोपवे अचानक ढह गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह रोपवे रोहतास प्रखंड से रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम तक बनाया जा रहा था। हादसे के दौरान रोपवे का एक टावर भी गिर गया और ट्रायल में इस्तेमाल की जा रही चार ट्रॉलियां क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते खुद को सुरक्षित कर लिया।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री जायसवाल ने कहा, “प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह घटना अधिकारियों द्वारा निगरानी और पर्यवेक्षण में कमी के कारण हुई। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के संबंधित परियोजना अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा विभाग ने संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।”
बीआरपीएनएनएल राज्य के पथ निर्माण विभाग की एक इकाई है।
मंत्री ने बताया कि रोपवे निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए आईआईटी पटना के विशेषज्ञों द्वारा भी जांच की जा रही है। यह रोपवे अगले महीने से शुरू किया जाना था।
उन्होंने कहा कि समझौते की शर्तों के अनुसार मरम्मत और सुधार कार्य सख्ती से किया जा रहा है।
1,326 मीटर लंबे इस रोपवे प्रोजेक्ट की लागत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस परियोजना का शिलान्यास 12 फरवरी 2020 को किया गया था और इसे 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना था। राज्य सरकार ने इस परियोजना को कैमूर पहाड़ियों में स्थित रोहतासगढ़ किला और आसपास के मंदिरों तक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंजूरी दी थी।
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