लैंड-फॉर-जॉब ‘घोटाला’: दिल्ली की अदालत ने लालू यादव समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया

Patna: RJD leaders and former Bihar chief ministers Lalu Prasad Yadav and Rabri Devi show their fingers marked with indelible ink after casting votes at a polling station during the first phase of Bihar Assembly elections, in Patna, Thursday, Nov. 6, 2025. (PTI Photo) (PTI11_06_2025_000025B)

नई दिल्ली, 9 जनवरी (पीटीआई) – दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कथित लैंड-फॉर-जॉब घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर की तरह इस्तेमाल किया और एक आपराधिक साजिश को अंजाम दिया, जिसमें सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से यादव परिवार के नाम पर जमीनें हासिल की गईं।

आदेश का मुख्य हिस्सा मौखिक रूप से सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट में “गंभीर संदेह की कसौटी पर एक व्यापक साजिश” सामने आई है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों समेत सभी आरोपियों की डिस्चार्ज याचिकाओं को “अनावश्यक” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पूर्व रेल मंत्री व अन्य आरोपी “जमीन हड़पने के लिए एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहे थे।” न्यायाधीश ने रेलवे अधिकारियों द्वारा “निर्णय के दुरुपयोग” की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने कहा, “चार्जशीट का विवरण आपराधिक कृत्य के मूल और आवश्यक तत्वों को स्पष्ट करता है।”

अदालत ने इस मामले में 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए, जबकि 52 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया गया। इनमें वे रेलवे अधिकारी और अभ्यर्थी शामिल हैं जिन्होंने अपनी जमीन नहीं सौंपी थी।

इससे पहले, सीबीआई ने आरोपियों की स्थिति को लेकर एक सत्यापन रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें बताया गया था कि चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मृत्यु हो चुकी है।

अदालत ने औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 23 जनवरी को निर्धारित की है। मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है।

सीबीआई ने इस कथित घोटाले में लालू यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

एजेंसी का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां की गईं। इसके बदले भर्ती हुए उम्मीदवारों से जमीन के टुकड़े उपहार या हस्तांतरण के जरिए राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम कराए गए।

सीबीआई का यह भी दावा है कि ये नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन कर की गईं और इनमें बेनामी संपत्तियों से जुड़े लेनदेन शामिल थे, जो आपराधिक कदाचार और साजिश की श्रेणी में आते हैं।

आरोपियों ने इन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।

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