
नई दिल्ली, 5 फरवरी (पीटीआई): लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच, कांग्रेस ने गुरुवार को याद दिलाया कि 10 जून 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने से रोक दिया था।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 को दिए गए मनमोहन सिंह के भाषण का एक वीडियो साझा किया। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया था कि उन्हें 10 जून 2004 को धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर देने से रोका गया था।
बुधवार रात जयराम रमेश ने कहा कि 10 जून 2004 की घटना को याद करते हुए यह बताना जरूरी है कि उस समय भाजपा ने प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका था। उन्होंने कहा कि 10 मार्च 2005 को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने भाषण की शुरुआत इन शब्दों से की थी—
“माननीय अध्यक्ष महोदय, आज यहां खड़े होकर सरकार की ओर से माननीय राष्ट्रपति जी के अभिभाषण के लिए आभार व्यक्त करना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। यह मेरे लिए कठिन परिश्रम से अर्जित किया गया सौभाग्य है, क्योंकि मुझे यह कार्य करने के लिए पूरे एक वर्ष तक प्रतीक्षा करनी पड़ी।”
बुधवार को लोकसभा में उस समय नाटकीय दृश्य देखने को मिले जब विपक्ष की महिला सांसद प्रधानमंत्री के निर्धारित भाषण से पहले बैनर लेकर उनकी सीट की ओर बढ़ गईं, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में मौजूद नहीं थे और भाजपा सदस्य पी. पी. चौधरी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रख रहे थे।
सरकार के फ्लोर मैनेजरों ने संकेत दिया था कि प्रधानमंत्री बुधवार शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे। हालांकि, तीन बार स्थगन के बाद जब सदन 5 बजे दोबारा बैठा, तो पीठासीन अधिकारी ने फिर से चौधरी को बोलने के लिए कहा।
इसके बाद विपक्ष की महिला सदस्य वेल में पहुंच गईं और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते तथा पूर्व थलसेनाध्यक्ष एम. एम. नरवणे की ‘अप्रकाशित’ पुस्तक के मुद्दे पर विरोध जताने लगीं।
जैसे ही विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री की सीट की ओर बढ़े, पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
प्रधानमंत्री अब गुरुवार को राज्यसभा में बोलने की उम्मीद है, जहां राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस बिना किसी व्यवधान के हुई है।
यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री लोकसभा में कब बोलेंगे, क्योंकि विपक्ष के विरोध जारी रहने की संभावना है। गुरुवार को लोकसभा के एजेंडे में केंद्रीय बजट पर चर्चा सूचीबद्ध है।
बजट सत्र के शेष हिस्से के लिए एक सीपीआई(एम) और सात कांग्रेस सांसदों के निलंबन के बाद मंगलवार से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।
