दोहा, 31 दिसंबर (पीटीआई) — वर्ल्ड ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में अपना खिताब बरकरार रखने के बाद राहत महसूस कर रहे शतरंज के सुपरस्टार मैग्नस कार्लसन ने माना कि टूर्नामेंट का स्तर बेहद कठिन था और शुरुआती राउंड में झटकों के बावजूद वह किस्मत के साथ रिकॉर्ड बढ़ाते हुए नौवां खिताब जीतने में सफल रहे।
विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन ने एक बार फिर एंडगेम में अपनी महारत दिखाते हुए पिछले हफ्ते जीते रैपिड स्वर्ण के बाद ब्लिट्ज खिताब भी अपने नाम किया। उन्होंने मंगलवार को फाइनल में उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव को 2.5–1.5 से हराया।
भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी, जिन्होंने 19 राउंड के क्वालिफिकेशन (स्विस) चरण में शानदार प्रदर्शन किया था, सेमीफाइनल में अप्रत्याशित रूप से लड़खड़ा गए और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
22 वर्षीय एरिगैसी का तीसरा स्थान न सिर्फ उन्हें वर्ल्ड ब्लिट्ज और रैपिड दोनों में कांस्य पदक दिलाने वाला रहा, बल्कि इसके साथ ही वह महान विश्वनाथन आनंद के बाद वर्ल्ड ब्लिट्ज पदक जीतने वाले भारत के दूसरे पुरुष खिलाड़ी भी बन गए।
कार्लसन ने फिडे से कहा, “यह मेरे लिए बेहद कठिन टूर्नामेंट था। नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। लेकिन नॉकआउट चरण में पहुंचने के बाद मैंने इसे एन्जॉय करने का फैसला किया और वही काम आया।” कार्लसन ने इस तरह रैपिड और ब्लिट्ज दोनों में स्वर्ण पदक जीते।
फाइनल में कार्लसन ने युवा उज्बेक ग्रैंडमास्टर अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ ड्रॉ स्वीकार करने से इनकार किया। चौथे गेम में उन्होंने एक अप्रत्याशित प्यादा चाल चलकर मुकाबला अपने नाम किया, जबकि दोनों खिलाड़ी 1.5–1.5 से बराबरी पर थे।
यह जीत नॉर्वे के खिलाड़ी के लिए और भी खास रही क्योंकि क्वालिफाइंग स्विस राउंड में उन्हें लगातार हार और एक बड़े विवाद का सामना करना पड़ा था, जिसके बावजूद वह सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।
राउंड 19 में अब्दुसत्तोरोव के खिलाफ ड्रॉ खेलने के बाद कार्लसन (13.5 अंक) और अब्दुसत्तोरोव (13 अंक) ने सेमीफाइनल में अंतिम दो स्थान हासिल किए। उनसे आगे अर्जुन एरिगैसी (15 अंक) शीर्ष पर रहे, जबकि अमेरिका के फैबियानो कारुआना (14 अंक) दूसरे स्थान पर थे।
सेमीफाइनल में कार्लसन ने कारुआना को 3–1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि अब्दुसत्तोरोव ने एरिगैसी को 2.5–0.5 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
इससे पहले एरिगैसी ने सोमवार को कार्लसन और अब्दुसत्तोरोव जैसे दिग्गजों को हराकर 13 मैचों में 10 अंक जुटाए थे। मंगलवार को शेष छह राउंड में उन्होंने चार जीत और दो ड्रॉ के साथ 15 अंक लेकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
हालांकि सेमीफाइनल में बाजी पलट गई। पहले गेम में सफेद मोहरों से बढ़त के बावजूद एरिगैसी 47 चालों में हार गए। दूसरे गेम में अब्दुसत्तोरोव ने निर्णायक बढ़त बनाई और तीसरे गेम में ड्रॉ कर फाइनल में प्रवेश सुनिश्चित किया।
विवादों में भी रहे कार्लसन
मंगलवार को 14वें राउंड में कार्लसन को बड़ा झटका लगा जब समय के दबाव में उन्होंने एक मोहरा गिरा दिया और मुकाबला हार गए। इसी दौरान उन्होंने गलती से बोर्ड पर मोहरों को गिरा दिया और घड़ी दबा दी, जो नियमों के खिलाफ था। अंपायरों ने अर्मेनिया के हाइक मार्टिरोस्यान को विजेता घोषित किया। कार्लसन ने फैसला स्वीकार करते हुए खेल भावना का परिचय दिया।
महिला ब्लिट्ज खिताब अस्सौबायेवा के नाम
कजाखस्तान की बिबिसारा अस्सौबायेवा ने यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को 2.5–1.5 से हराकर अपना तीसरा वर्ल्ड ब्लिट्ज खिताब जीता और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया। इससे पहले वह 2021 और 2022 में भी यह खिताब जीत चुकी हैं।
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