
नई दिल्ली, 28 जनवरी (पीटीआई): उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि भारत की शक्ति राष्ट्रीय एकता और समाज के प्रति सामूहिक सेवा में निहित है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं द्वारा प्रतिपादित एकता और सेवा के मूल्य आज भी देश की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उपराष्ट्रपति ने ये विचार यहां अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) गणतंत्र दिवस परेड शिविर के दल के साथ बातचीत के दौरान व्यक्त किए।
राधाकृष्णन ने युवाओं से निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने और राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह लक्ष्य एक सामूहिक यात्रा है, जिसके लिए अनुशासित, देशभक्त और जिम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज के युवाओं की प्रतिभा, आकांक्षाओं और वैश्विक अनुभव के बल पर भारत वर्ष 2047 तक एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए केवल आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, नैतिक मजबूती और मजबूत मूल्यों की भी आवश्यकता है, जिन्हें एनएसएस जैसी गतिविधियों के माध्यम से पोषित किया जाता है।
उपराष्ट्रपति ने जनसाक्षरता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक विकास तथा आपदा राहत और पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में संगठन के स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
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