विज्ञान और धर्म में कोई विरोध नहीं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

Chandrapur: Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat addresses a gathering during the inauguration of Pandit Dindayal Cancer Hospital, in Maharashtra's Chandrapur, Monday, Dec. 22, 2025. (PTI Photo)(PTI12_22_2025_000325B)

तिरुपति, 26 दिसंबर (PTI) — आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि विज्ञान और धर्म में कोई विरोधाभास नहीं है और उन्होंने कहा कि अंततः सभी विभिन्न मार्गों से वही सत्य खोजने का प्रयास करते हैं।

भारतीय विज्ञान सम्मेलन में भागवत ने कहा कि धर्म को अक्सर धर्म के रूप में समझा जाता है, जबकि वास्तव में यह “सृजन के संचालन का विज्ञान” है। उन्होंने कहा, “धर्म धर्म नहीं है। यह वह नियम है जिसके अनुसार सृष्टि चलती है। चाहे कोई इसे स्वीकार करे या न करे, कोई भी इसके बाहर काम नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी बताया कि धर्म में असंतुलन विनाश की ओर ले जाता है।

भागवत ने कहा कि विज्ञान ने ऐतिहासिक रूप से धर्म से दूरी बनाई, यह मानते हुए कि धर्म का वैज्ञानिक खोज में कोई स्थान नहीं है, और उन्होंने इसे मौलिक रूप से गलत बताया।

उनके अनुसार, विज्ञान और आध्यात्मिकता में केवल पद्धति का अंतर है, क्योंकि दोनों का लक्ष्य एक ही है। उन्होंने कहा, “विज्ञान और धर्म या आध्यात्मिकता में कोई विरोध नहीं है। पद्धतियाँ भले ही अलग हों, लेकिन गंतव्य समान है—सत्य को जानना।”

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