विपक्ष ने पहलगाम हमले, ट्रंप के बयान और बिहार में एसआईआर का मुद्दा उठाया; सरकार ने कहा- नियमों के अनुसार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image released by AICC on July 11, 2025, Leader of Opposition in the Lok Sabha Rahul Gandhi, left, and Congress president Mallikarjun Kharge with others during a meeting with the Political Affairs Committee (PAC), at the party office, in Bhubaneswar, Odisha. (AICC via PTI Photo) (PTI07_11_2025_000247B)

नई दिल्ली, 20 जुलाई (पीटीआई) – मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘सीजफायर’ दावे और बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे अहम मुद्दों को उठाया। इस पर सरकार ने संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए अपनी तत्परता जताई, लेकिन नियमों के अनुसार।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इन मुद्दों पर संसद में खुद जवाब देने की संभावना नहीं है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा भारत-पाक संघर्ष पर ‘सीजफायर’ के दावे पर यदि चर्चा होती है, तो सरकार उचित जवाब देगी।

संभावना जताई जा रही है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत बयान देंगे। वे शुक्रवार शाम को दो महत्वपूर्ण बैठकों में भाग ले चुके हैं—एक अपने मंत्री सहयोगियों के साथ और दूसरी सैन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ।

एनडीए के कई नेता भी चाहते हैं कि इस विदेश नीति से जुड़ी पहल और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सांसदों के प्रतिनिधिमंडलों की भूमिका पर चर्चा हो।

बैठक के बाद रिजिजू ने कहा कि सरकार ने संसद के सुचारु संचालन में विपक्ष का सहयोग मांगा है और कहा कि चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह खुली है। उन्होंने कहा, “सरकार कभी चर्चा से पीछे नहीं हटी है और न ही हटेगी। लेकिन नियम और परंपराओं के तहत ही चर्चा होगी।”

उन्होंने बताया कि विपक्ष और सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं की बातों को ध्यान से सुना गया और सभी मुद्दों को लोकसभा व राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमिटी के सामने रखा जाएगा, जहां अंतिम निर्णय होगा।

रिजिजू ने यह भी कहा कि जिन दलों के सांसद कम हैं, उनके लिए भी अधिक समय देने की मांग को सरकार ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी को पर्याप्त समय दिया जाएगा।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री से ट्रंप के दावे, पहलगाम हमले में चूक, और बिहार में एसआईआर पर बयान की मांग की है। उन्होंने कहा, “इन मुद्दों पर जवाब देना प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी है।”

गोगोई ने यह भी कहा कि दो मोर्चों से खतरे (चीन और पाकिस्तान) को लेकर सेना के अधिकारियों ने जो चिंताएं जताई हैं, उन पर चर्चा जरूरी है। साथ ही रक्षा नीति, विदेश नीति और बजट आवंटन पर भी बहस होनी चाहिए।

उन्होंने मणिपुर की स्थिति पर भी चर्चा की मांग की और कहा कि वहां दो साल से अधिक समय बाद भी हिंसा जारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पीएम छोटे देशों की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन मणिपुर क्यों नहीं जाते?

आप नेता संजय सिंह ने बिहार में एसआईआर में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया और ट्रंप के ‘सीजफायर’ दावे की चर्चा की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘INDIA’ गठबंधन केवल 2024 लोकसभा चुनाव तक था, और AAP राज्य चुनावों में अकेले लड़ती रही है।

जेडीयू के संजय कुमार झा ने कहा कि हर नागरिक को मतदान का अधिकार होना चाहिए और पार्टी इस पर जागरूकता अभियान चला रही है।

सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा खुफिया विफलता की स्वीकारोक्ति गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि भारत कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं मानता, ऐसे में ट्रंप के दावे पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

उन्होंने विदेश नीति को “पूरी तरह विफल” बताया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर एक भी देश ने भारत का समर्थन नहीं किया।

भाकपा (मार्क्सवादी) के जॉन ब्रिटास और राकांपा-शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले ने भी पीएम से पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और बिहार एसआईआर पर जवाब मांगा। सुले ने कहा, “अगर प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर संसद में बोलें, तो सबको अच्छा लगेगा।”

बीजेडी के सस्मित पात्रा ने कहा कि राज्यों में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए केंद्र जिम्मेदार है और संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने ओडिशा में छात्रा की आत्महत्या और 15 वर्षीय लड़की को जलाए जाने की घटनाओं का उल्लेख किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अल्ताफ हुसैन ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे उठाए और कहा कि पहलगाम हमले के बाद वहां की स्थिति वैसी नहीं है, जैसी देश को दिखाई जा रही है। उन्होंने निर्दोष लोगों को परेशान न करने की अपील की।

बैठक में गौरव गोगोई, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी (कांग्रेस), सुप्रिया सुले (राकांपा), टीआर बालू और तिरुचि शिवा (द्रमुक), एम थम्बीदुरई (एआईएडीएमके), हरसिमरत कौर बादल (शिअद), रामगोपाल यादव (सपा), रामदास आठवले (आरपीआई-ए) सहित कई नेताओं ने हिस्सा लिया।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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