विश्व पर्यावरण दिवस पर अरावली ग्रीन वॉल परियोजना और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

**EDS: THIRD PARTY** In this image via PMO, Prime Minister Narendra Modi plants a sapling at his residence on World Environment Day, in New Delhi, Thursday, June 5, 2025. (PMO via PTI Photo) (PTI06_05_2025_000074B) *** Local Caption ***

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 700 किमी लंबी अरावली पर्वतमाला को पुनर्जीवित करने के लिए एक प्रमुख वनीकरण अभियान—अरावली ग्रीन वॉल परियोजना—की शुरुआत की। इस परियोजना का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से लड़ना, वायु प्रदूषण को कम करना और भूजल स्तर में सुधार करना है।

अरावली ग्रीन वॉल परियोजना के मुख्य बिंदु

  • परियोजना का दायरा: अरावली पर्वतमाला दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में फैली है। यह परियोजना 29 जिलों में 5 किमी चौड़ी हरित पट्टी बनाने का लक्ष्य रखती है, जो 6.45 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेगी।
  • भूमि की स्थिति: इस क्षेत्र का लगभग 42% (2.7 मिलियन हेक्टेयर) भूमि वर्तमान में क्षतिग्रस्त है, जिसमें राजस्थान में 81%, गुजरात में 15.8%, हरियाणा में 1.7% और दिल्ली में 1.6% क्षतिग्रस्त भूमि है।
  • लक्ष्य: भारत द्वारा 2030 तक 2.5-3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाना और 2.6 करोड़ हेक्टेयर क्षतिग्रस्त भूमि को बहाल करना।
  • पर्यावरणीय महत्व: अरावली पर्वतमाला थार रेगिस्तान के विस्तार को रोकती है, दिल्ली, जयपुर और गुरुग्राम जैसे शहरों को रेगिस्तानीकरण से बचाती है, और चंबल, साबरमती, लूणी जैसी नदियों का स्रोत है।
  • बायोडायवर्सिटी: यह क्षेत्र कई संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए आवास है और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
  • कार्यान्वयन: 1,000 नर्सरी विकसित की जाएंगी और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का विस्तार

प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का विस्तार किया, जिसमें लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है16। प्रधानमंत्री ने दिल्ली में भगवान महावीर वनस्थली पार्क में पौधा लगाकर इस अभियान को आगे बढ़ाया।

अन्य पहलें और संदेश

  • सिंदूर पौधा: प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर ‘सिंदूर’ पौधा भी लगाया, जो 1971 युद्ध की वीर महिलाओं द्वारा उन्हें भेंट किया गया था। यह पौधा महिलाओं की वीरता और प्रेरणा का प्रतीक बताया गया7
  • इलेक्ट्रिक बसें: प्रधानमंत्री ने दिल्ली सरकार की स्वच्छ शहरी परिवहन पहल के तहत 200 इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई।
  • प्लास्टिक प्रदूषण: प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और वैश्विक स्तर पर जलवायु संरक्षण के लिए साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। भारत पहले ही 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा चुका है।

अरावली ग्रीन वॉल परियोजना और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान भारत के हरित कवर को बढ़ाने, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और पर्यावरणीय संतुलन बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, जिससे भारत को एक हरित और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके