
नई दिल्ली, 28 जनवरी (PTI): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए वीबी-जी रैम जी अधिनियम का उल्लेख किए जाने पर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी रैम जी अधिनियम के तहत 125 दिनों के काम की गारंटी दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून भ्रष्टाचार और लीकेज को रोकेगा तथा ग्रामीण विकास को नई गति देगा। राष्ट्रपति के इस उल्लेख पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर स्वागत किया, जबकि विपक्षी सदस्यों ने कानून को वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष की ओर से “वापस लो” जैसे नारे लगाए गए, जिसके चलते राष्ट्रपति मुर्मू को अपने भाषण के दौरान कुछ देर के लिए रुकना पड़ा।
यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाला है।
विपक्षी दलों की मांग है कि वीबी-जी रैम जी अधिनियम को वापस लिया जाए और मनरेगा को उसके मूल अधिकार आधारित स्वरूप में बहाल किया जाए, जिसमें काम का अधिकार और पंचायतों की भूमिका सुनिश्चित हो। वहीं, सरकार का दावा है कि नया अधिनियम ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था को और मजबूत करेगा। PTI NAB ACB AO AO DV DV
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