मुंबई, 13 जुलाई (भाषा) मुंबई पुलिस ने यहां एक अदालत को बताया है कि एकता कपूर के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों में कोई “आपराधिकता” नहीं पाई गई, जिनमें कहा गया था कि उनके स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ऑल्ट बालाजी पर प्रसारित एक वेब सीरीज़ ने भारतीय सैनिकों का अपमान किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी भी सरकारी या सक्रिय ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र बल अधिकारी ने कपूर या ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
यूट्यूबर विकास पाठक (जो ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ के नाम से भी जाने जाते हैं) ने बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक निजी शिकायत दायर की थी, जिसमें कपूर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक दृश्य में भारतीय सेना की वर्दी दिखाकर राष्ट्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।
मजिस्ट्रेट ने खार पुलिस को जांच करने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
इस महीने की शुरुआत में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया कि इसी मामले में मध्य प्रदेश में एक केस दर्ज है, इसलिए अन्य जगह नया केस दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है।
पाठक ने अपनी शिकायत में एकता कपूर के अलावा उनके माता-पिता शोभा और जीतेंद्र कपूर और ऑल्ट बालाजी का नाम लिया था।
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि कपूर परिवार बालाजी टेलीफिल्म्स के निदेशक हैं, न कि ऑल्ट बालाजी के।
रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायतकर्ता के आरोपों में कोई आपराधिकता नहीं पाई गई है।
पाठक के वकील एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख ने कहा कि एक ही मुद्दे पर अलग-अलग राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज कराने पर कोई रोक नहीं है, हालांकि आरोपी कई मामलों को एक साथ मिलाने के लिए आवेदन कर सकता है।
शिकायत के अनुसार, ऑल्ट बालाजी पर एक वेब सीरीज़ में एक सैन्य अधिकारी को “अवैध यौन कृत्य” में दिखाया गया था। शिकायत में कहा गया कि पाठक ने मई 2020 में इस एपिसोड को देखा था।
—भाषा

