
नई दिल्ली, 17 दिसंबर (पीटीआई) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली की स्थापना का काम “बहुत तेजी” से चल रहा है और अब तक देश के लगभग 2,000 किलोमीटर रेल नेटवर्क को इसके अंतर्गत लाया जा चुका है।
प्रश्नकाल के दौरान उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि कवच एक अत्यंत जटिल प्रणाली है, जिसमें पांच प्रमुख घटक शामिल हैं। इनमें रेलवे ट्रैक के साथ-साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाना और दूरसंचार टावरों की स्थापना भी शामिल है।
वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे अब तक 7,129 किलोमीटर ओएफसी बिछा चुका है, 860 दूरसंचार टावर स्थापित किए जा चुके हैं और 767 रेलवे स्टेशनों को डाटा सेंटर से जोड़ा गया है। इसके अलावा, 3,413 किलोमीटर ट्रैक पर ट्रैकसाइड उपकरण लगाए गए हैं और 4,154 इंजनों में कवच प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा, “इन सबके अलावा, आज की तारीख में 2,000 किलोमीटर से अधिक रेल मार्ग पर इस प्रणाली का पूर्ण कमीशनिंग हो चुका है। प्रगति बहुत तेज है।”
कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) है, जिसका उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षा को मजबूत करना है।
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि यह एक बिल्कुल नई और अत्यंत जटिल प्रणाली होने के कारण अब तक 40,000 तकनीशियनों और ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
डीएमके सांसद कलानिधि वीरास्वामी द्वारा रेल दुर्घटनाओं को लेकर पूछे गए एक पूरक प्रश्न के उत्तर में वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2014 में जहां गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 थी, वहीं सरकार ने इसे “करीब 90 प्रतिशत घटाकर 11 तक लाने में सफलता हासिल की है।”
श्रेणी:ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग्स:#स्वदेशी, #समाचार, कवच प्रणाली, भारतीय रेलवे, अश्विनी वैष्णव, रेल सुरक्षा
