मनीला, 24 अक्टूबर (एपी) व्हाइट हाउस द्वारा अगले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक की योजना की पुष्टि किए जाने के बाद शुक्रवार को वैश्विक शेयर बाजारों में मिले-जुले रुझान देखे गए।
इस पुष्टि से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव को लेकर बनी कुछ अनिश्चितता कम हुई, हालांकि किसी बड़े व्यापार समझौते की संभावनाएं अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
एसएंडपी 500 का फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत बढ़ा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का फ्यूचर्स लगभग 0.1 प्रतिशत चढ़ा। तेल की कीमतें एक दिन पहले की तेजी के बाद फिर गिरावट में रहीं।
यूरोप के शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डीएएक्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 24,235.73 पर पहुंचा, जबकि ब्रिटेन का एफटीएसई 100 0.1 प्रतिशत से कम बढ़कर 9,564.87 पर रहा। पेरिस में सीएसी 40 0.3 प्रतिशत गिरकर 8,203.50 पर आ गया।
चीन के बेंचमार्क सूचकांक उस समय बढ़त में रहे जब सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने गुरुवार को एक अहम नीतिगत बैठक समाप्त की, हालांकि कोई बड़ा बदलाव घोषित नहीं किया गया।
हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 0.7 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 26,160.15 पर पहुंचा और शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.7 प्रतिशत बढ़कर 3,950.31 पर रहा।
जापान का निक्केई 225 सूचकांक गुरुवार की गिरावट से उबरते हुए शुक्रवार को 1.4 प्रतिशत बढ़कर 49,299.65 पर पहुंचा। टेक शेयरों में मजबूती देखी गई, जिसे ट्रंप-शी बैठक की पुष्टि से समर्थन मिला।
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जापान की कोर मुद्रास्फीति दर अगस्त के 2.7 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 2.9 प्रतिशत हो गई। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, बैंक ऑफ जापान के अगले सप्ताह होने वाली बैठक में ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है, क्योंकि नव-निर्वाचित प्रधानमंत्री साने ताकाइची कम ब्याज दरों के पक्षधर हैं।
सियोल के कोस्पी सूचकांक में 2.5 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई और यह 3,941.59 के नए रिकॉर्ड पर पहुंचा। वॉल स्ट्रीट से मिले सकारात्मक संकेत और ट्रंप-शी शिखर वार्ता की खबरों ने निवेशकों को उत्साहित किया।
ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 0.2 प्रतिशत गिरकर 9,019.00 पर आया, क्योंकि प्रारंभिक आंकड़ों में विनिर्माण गतिविधि सितंबर के 51.4 से घटकर अक्टूबर में 49.7 पर आ गई।
भारत का बीएसई सेंसेक्स 0.5 प्रतिशत से अधिक टूट गया, जबकि ताइवान का शेयर बाजार अवकाश के कारण बंद रहा।
अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूती रही। तेल की कीमतों में उछाल के बाद प्रमुख सूचकांक अपने पिछले रिकॉर्ड के करीब पहुंच गए। यह तेजी ट्रंप द्वारा रूस के तेल उद्योग पर लगाए गए “भारी” प्रतिबंधों की घोषणा के बाद देखने को मिली।
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर एसएंडपी 500 में 0.6 प्रतिशत की बढ़त रही, जो इस माह की शुरुआत में बने सर्वकालिक उच्चस्तर से सिर्फ 0.2 प्रतिशत नीचे रहा।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.3 प्रतिशत चढ़ा और नैस्डैक कंपोजिट 0.9 प्रतिशत उछला।
तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बढ़त रही, जिनमें एक्सॉन मोबिल 1.1 प्रतिशत, कोनोकोफिलिप्स 3.1 प्रतिशत और डायमंडबैक एनर्जी 3.4 प्रतिशत ऊपर रहे। रूसी कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए प्रतिबंधों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5.5 प्रतिशत की छलांग लगी।
इन प्रतिबंधों से उम्मीद है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़ेगा और वैश्विक बाजारों में तेल आपूर्ति पर असर पड़ेगा।
हालांकि हालिया भारी गिरावट की तुलना में इसमें कुछ सुधार हुआ है, लेकिन तेल की कीमतें अभी भी इस वर्ष अब तक 10 प्रतिशत से अधिक नीचे हैं। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी कच्चा तेल 7 सेंट सस्ता होकर 61.72 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट कच्चा तेल 10 सेंट घटकर 65.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अन्य कारोबार में शुक्रवार को सोने की कीमत 1.5 प्रतिशत गिरकर 4,085.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गुरुवार को यह 2 प्रतिशत उछलकर 4,145.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी।
अमेरिकी डॉलर 152.60 येन से बढ़कर 152.94 जापानी येन पर पहुंच गया जबकि यूरो 1.1618 डॉलर से घटकर 1.1608 डॉलर पर आ गया।
(एपी) एसकेएस एसकेएस
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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