
मुंबई, 23 नवंबर (पीटीआई) बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने बड़े आतंकी हमलों के पीड़ितों और सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी है और लोगों से शांति बनाए रखने के लिए मतभेदों से ऊपर उठने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब शांति होती है, तो “कोई भी चीज़ भारत को हिला या हरा नहीं सकती” और इसके नागरिकों का हौसला नहीं तोड़ सकती।
यहां 2025 ग्लोबल पीस ऑनर्स इवेंट में बोलते हुए, 60 साल के एक्टर ने 2008 में 26/11 मुंबई हमलों, इस साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले और हाल ही में दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया।
उन्होंने कहा, “26/11 आतंकी हमले, पहलगाम आतंकी हमले और हाल ही में दिल्ली में हुए धमाकों में जान गंवाने वाले बेगुनाह लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और इन हमलों में शहीद हुए हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों को मेरा सम्मानपूर्वक सलाम।”
‘जवान’ एक्टर ने शहीदों के परिवारों को उनकी हिम्मत के लिए भी सलाम किया।
उन्होंने कहा, “मैं उन मांओं को सलाम करना चाहता हूं जिन्होंने ऐसे बहादुर बेटों को जन्म दिया। मैं उनके पिताओं के जज़्बे को सलाम करता हूं; मैं उनके साथियों की हिम्मत को सलाम करता हूं। भले ही सैनिक जंग के मैदान में थे, आपने भी उस लड़ाई को बहुत बहादुरी से लड़ा।”
SRK ने कहा कि भारत मुश्किलों के सामने कभी नहीं झुका है क्योंकि देश की ताकत एकता में है।
उन्होंने कहा, “कोई भी हमें रोक नहीं पाया, हमें हरा नहीं पाया या हमारी शांति नहीं छीन पाया क्योंकि जब तक इस देश के सुपरहीरो, वर्दी वाले लोग मज़बूती से खड़े रहेंगे, हमारी ज़मीन पर शांति और सुरक्षा हमेशा बनी रहेगी।”
खान ने कहा कि शांति “एक खूबसूरत चीज़” है, जिसके लिए पूरी दुनिया लगातार कोशिश करती है क्योंकि इससे “बेहतर सोच, आइडिया और इनोवेशन” होता है।
उन्होंने कहा, “शांति एक बेहतर दुनिया के लिए ज़रूरी क्रांति है। आइए हम सब मिलकर शांति की ओर बढ़ें। आइए हम जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठें और इंसानियत के रास्ते पर चलें, ताकि हमारे बहादुर सैनिकों का बलिदान बेकार न जाए। अगर हमारे बीच शांति है, तो कोई भी भारत को हिला नहीं सकता, कोई भी भारत को हरा नहीं सकता और कोई भी हम भारतीयों का हौसला नहीं तोड़ सकता।”
एक्टर ने देश के सैनिकों को समर्पित कुछ लाइनें भी पढ़ीं।
खान ने कहा, “जब कोई आपसे पूछे कि आप क्या करते हैं, तो गर्व से कहें, ‘मैं देश की रक्षा करता हूं।’ अगर कोई पूछे कि आप कितना कमाते हैं, तो धीरे से मुस्कुराएं और कहें, ‘मैं 1.4 अरब लोगों की दुआएं कमाता हूं।’ और अगर वे फिर भी पूछें कि क्या आपको कभी डर लगता है, तो उनकी आंखों में देखें और कहें, ‘जो लोग हम पर हमला करते हैं, वही लोग डरते हैं’।” पीटीआई आरबी आरबी
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