नई दिल्ली, 2 जुलाई (पीटीआई) — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को जिले के विभिन्न कार्यालयों में लगे शिकायत एवं सुझाव बॉक्स खोले और कहा कि ये बॉक्स जनता और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बॉक्स के जरिए प्राप्त सभी शिकायतों की उनके कार्यालय द्वारा समीक्षा की जाएगी, ताकि कोई भी समस्या अनदेखी न रह जाए और हर मुद्दे पर समयबद्ध कार्रवाई हो सके।
गुप्ता ने कहा, “शिकायत केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं और अधिकारों का प्रतिबिंब है। शिकायत एवं सुझाव बॉक्स न केवल समस्याओं की रिपोर्टिंग का साधन हैं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का पुल भी हैं।”
शिकायतों में आम तौर पर जिन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया, उनमें सरकारी कार्यालयों में सुविधाओं में सुधार, अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें, सफाई, जल आपूर्ति, सड़क की हालत और ट्रैफिक प्रबंधन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इन मामलों को पूरी गंभीरता से लें और त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही, विभागों को प्रारंभिक जांच के बाद विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुप्ता ने कहा कि यह पहल अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक और कदम है।
उन्होंने दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर पश्चिम, दक्षिण पूर्व, उत्तर पूर्व, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण पश्चिम जिलों से प्राप्त 42 शिकायत एवं सुझाव बॉक्स खोले और उनकी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि दिल्लीवासियों की शिकायतों का समाधान उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी विभाग में लंबित शिकायतें स्वीकार्य नहीं हैं।
इसके लिए दिल्ली सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM), उप-जिलाधिकारियों (SDM) और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को सार्वजनिक शिकायत एवं सुझाव बॉक्स लगाने के निर्देश दिए थे।
गुप्ता ने कहा कि जनता और मुख्यमंत्री के बीच सीधा संवाद बेहद जरूरी है और लोगों को अपनी समस्याएं सीधे साझा करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

