मुंबई, 9 जनवरी (भाषा) बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को लगातार पांचवें सत्र बिकवाली दबाव में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कारोबारियों ने कहा कि भारतीय बाजारों से विदेशी पूंजी की निरंतर उड़ान ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 604.72 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 84,000 अंक के स्तर से नीचे 83,576.24 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 778.68 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 83,402.28 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,683.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लाभ में रहे।
गुरुवार को सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,180.96 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,701.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “अमेरिका-भारत टैरिफ वार्ता को लेकर अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच घरेलू जोखिम की भावना तेज हो गई है।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजार सकारात्मक रुख में चल रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिक मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नए टैरिफ संबंधी टिप्पणियों के बाद वैश्विक व्यापार अनिश्चितता बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार पूरे सप्ताह दबाव में रहे।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.18 फीसदी बढ़कर 62.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पीटीआई सुम सुम बल बल
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