भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव: वीसी सम्मेलन में बोले मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली, 10 जुलाई (पीटीआई) — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में बुनियादी परिवर्तन आया है, जिससे यह अधिक लचीली, बहुविषयक, समावेशी और नवाचार-प्रधान बन गई है।
गुजरात के केवड़िया में आयोजित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधान ने बताया कि देश में कुल छात्र नामांकन 4.46 करोड़ तक पहुँच गया है, जो 2014–15 के मुकाबले 30% की वृद्धि है।
उन्होंने कहा,
“महिला नामांकन में 38% की वृद्धि हुई है और महिला सकल नामांकन अनुपात (GER) अब पुरुषों से अधिक है। पीएचडी नामांकन लगभग दोगुना हुआ है और महिला पीएचडी शोधार्थियों की संख्या में 136% की वृद्धि हुई है। अनुसूचित जनजातियों के लिए GER में 10 प्रतिशत अंक और अनुसूचित जातियों के लिए 8 प्रतिशत अंक से अधिक की वृद्धि हुई है।”
मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में GER को 2035 तक 50% तक पहुंचाने के लिए पाठ्यक्रमों का पुनर्निर्माण, डिजिटल सिस्टम बनाना, फैकल्टी का प्रशिक्षण और बहुविषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“इस लक्ष्य को पाने के लिए कुलपतियों को छात्रों की सोच और आकांक्षाओं को आकार देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभानी होगी। विश्वविद्यालयों को ‘स्टूडेंट फर्स्ट’ अप्रोच अपनानी चाहिए, क्योंकि छात्र ही हमारे भविष्य की राष्ट्रीय शक्ति का केंद्र हैं।”
प्रधान ने कुलपतियों से आह्वान किया कि वे ऐसे संस्थानों का निर्माण करें, जो युवाओं को कौशलयुक्त, भविष्य के लिए तैयार और रोजगार सृजक, सामाजिक उद्यमी व नैतिक नवोन्मेषक बनने के लिए सशक्त करें।
यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है, जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालयों के नेता संस्थागत प्रगति की समीक्षा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे।
सम्मेलन में उच्च शिक्षा के प्रमुख पहलुओं—शिक्षण/अधिगम, अनुसंधान और प्रशासन—पर 10 थीमेटिक सत्रों के माध्यम से चर्चा होगी, जो NEP-2020 के स्तंभों—समानता, जवाबदेही, गुणवत्ता, पहुँच और वहनीयता—से जुड़े हैं।
सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख संस्थानों में दिल्ली विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, असम विश्वविद्यालय, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान, केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर, विश्व-भारती, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, सिक्किम विश्वविद्यालय, त्रिपुरा विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय शामिल हैं।
(PTI GJS GJS KVK KVK)
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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