संयुक्त राष्ट्र, 25 फरवरी (PTI) – भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उस मसौदा प्रस्ताव पर निरपेक्षता व्यक्त की, जिसमें रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल, पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम की अपील की गई थी।
‘यूक्रेन में स्थायी शांति के समर्थन’ नामक यह मसौदा प्रस्ताव रूस के अपने पड़ोसी पर आक्रमण की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर पेश किया गया। इसे 193 सदस्यीय महासभा में अपनाया गया, जिसमें 107 देशों ने समर्थन किया, 12 ने विरोध किया और 51 ने निरपेक्षता व्यक्त की।
भारत उन 51 सदस्य देशों में शामिल था जिन्होंने इस प्रस्ताव पर निरपेक्षता दिखाई, जिनमें बहरीन, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका भी शामिल थे।
प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दोहराया।
इसमें युद्धबंदी के सभी बंदियों का पूर्ण आदान-प्रदान, अवैध रूप से हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की रिहाई, और जबरन ले जाए गए या निर्वासित किए गए सभी नागरिकों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, की वापसी को विश्वास निर्माण के महत्वपूर्ण उपाय के रूप में दोहराया गया।
प्रस्ताव ने यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता, एकता और उसके internationally मान्यता प्राप्त सीमाओं, जिनमें उसके क्षेत्रीय जल भी शामिल हैं, के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
इसके अलावा प्रस्ताव में रूस द्वारा नागरिकों, नागरिक ढांचों और महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर निरंतर और तीव्र हमलों तथा मानवतावादी स्थिति में गंभीर गिरावट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
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