संसद की नज़र में: सुधा मूर्ति ने कहा— टेक पायनियर्स ही नहीं, सामाजिक नवप्रवर्तकों का भी सम्मान हो

**EDS: THIRD PARTY IMAGE; SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: Rajya Sabha MP Sudha Murty speaks in the House during the Winter session of Parliament, in New Delhi, Thursday, Dec. 11, 2025. (Sansad TV via PTI Photo)(PTI12_11_2025_000041B)

नई दिल्ली, 11 दिसम्बर (PTI) — राज्यसभा की नामांकित सदस्य सुधा मूर्ति ने गुरुवार को सदन में जोर देकर कहा कि केवल तकनीकी उपलब्धियों का ही नहीं, बल्कि सामाजिक नवाचार करने वाले लोगों का भी सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि वे रोज़मर्रा की समस्याओं के समाधान खोजकर समाज में असली बदलाव लाते हैं, फिर भी उन्हें पहचान शायद ही मिलती है।

ज़ीरो आवर के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी आविष्कारों को खूब सराहना और पुरस्कार मिलते हैं, लेकिन लोगों के जीवन को आसान बनाने वाले सामाजिक आविष्कार अक्सर अनदेखे रह जाते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इडली ग्राइंडर जैसी सरल नवाचार ने खासकर महिलाओं के जीवन को कितना आसान बनाया है, लेकिन उसके आविष्कारक का नाम शायद ही किसी को मालूम हो।

मूर्ति ने विश्व स्तर के उदाहरण भी दिए— जैसे जापान के उस आविष्कारक का, जिसने QR कोड बनाया और उसे पेटेंट न कर, दुनिया भर के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया।

“उन्होंने कहा कि यह सबके हित और सुख के लिए है— बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय,” मूर्ति ने कहा।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के पास CSR, टेक्नोलॉजी और विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग पुरस्कार श्रेणियाँ हैं, लेकिन सामाजिक नवाचार के लिए कोई समर्पित पुरस्कार नहीं है।

सुधा मूर्ति ने अनुरोध किया—

“मैं भारत सरकार से आग्रह करती हूँ कि एक नई पुरस्कार श्रेणी— सामाजिक नवाचार पुरस्कार— की शुरुआत की जाए, ताकि सामाजिक नवप्रवर्तकों का सम्मान हो, उन्हें पहचान मिले और पूरा समाज उनके कार्यों का लाभ उठा सके।”

अपने सामाजिक कार्यों के अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने स्वयं ऐसे पुरस्कार शुरू किए, तो उन्होंने उसका सकारात्मक प्रभाव गहराई से महसूस किया।

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