
नई दिल्ली, 7 अगस्त (पीटीआई): संसद ने गुरुवार को कोस्टल शिपिंग विधेयक, 2025 पारित कर दिया, जिसे राज्यसभा ने बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चर्चा की विपक्षी सांसदों की मांग के बीच मंजूरी दी।
केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सारबानंद सोनोवाल ने कहा कि यह विधेयक भारतीय जहाजों के लिए अनुपालन बोझ को कम करेगा और “ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस” की अवधारणा के अनुरूप होगा, साथ ही देश के लिए आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
कोस्टल शिपिंग बिल, 2025 को उच्च सदन में वॉयस वोट के माध्यम से पारित किया गया, जबकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मुद्दे पर विरोध जारी रहा।
इस विधेयक को लोकसभा ने 3 अप्रैल, 2025 को मंजूरी दी थी।
विधेयक के अनुसार, इसका उद्देश्य तटीय शिपिंग से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित करना, तटीय व्यापार को बढ़ावा देना और उसमें घरेलू भागीदारी को प्रोत्साहित करना है, ताकि भारत एक तटीय बेड़े से सुसज्जित हो, जो भारत के नागरिकों द्वारा संचालित और स्वामित्व में हो — राष्ट्र की राष्ट्रीय सुरक्षा और वाणिज्यिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु।
विधेयक के तहत, तटीय जल का अर्थ है भारत के आंचलिक जल और उससे लगे समुद्री क्षेत्र।
आंचलिक जल तट से 12 नॉटिकल मील (लगभग 22 किमी) तक फैला होता है, जबकि समुद्री क्षेत्र 200 नॉटिकल मील (लगभग 370 किमी) तक।
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