सभी प्रारूप खेलना एक हद तक संभव है: हेज़लवुड

Josh Hazlewood

बेंगलुरु, 20 नवम्बर (PTI) — क्रिकेट अब साल भर खेले जाने वाला खेल बन गया है, ऐसे में सभी प्रारूपों में लगातार खेलना खिलाड़ियों पर दबाव डाल सकता है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड का मानना है कि सूझबूझ और सही योजना के साथ संतुलन बनाना संभव है।

हेज़लवुड, जो पैट कमिंस के साथ सभी प्रारूपों में नियमित रूप से खेलते रहे हैं, हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम तीन T20 मैचों में नहीं खेले, ताकि न्यू साउथ वेल्स की ओर से शेफ़ील्ड शील्ड मैच खेलकर एशेज़ की तैयारी कर सकें।

34 वर्षीय तेज गेंदबाज का कहना है कि मैचों का चयन करके खेलना करियर को संतुलित रखने और पूरे सीजन ताज़गी बनाए रखने का सबसे सही तरीका है।

उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पॉडकास्ट में कहा,

“मुझे लगता है कि (सभी प्रारूप खेलना) एक हद तक संभव है। मेरा मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इसमें काफी बेहतर हो रहा है। पांच मैचों की श्रृंखला में आप मैच 1, 3 और 5 खेल सकते हैं, या 1, 2 और 3 खेलकर कुछ समय के लिए घर लौट सकते हैं ताकि तरोताज़ा हो सकें… कभी-कभी एक मैच मिस करना भी काम आता है।”

उन्होंने आगे कहा,

“घर जाकर एक हफ्ता बिताना और उस समय का अधिकतम उपयोग करके तरोताज़ा होकर वापस आना सबसे अच्छा तरीका है। पूरी श्रृंखला में आराम करने के बजाय सही समय पर मैच चुनना जरूरी है। टीम बैठकों में हम कैलेंडर देखते हैं और तय करते हैं कि कौन से मैच खेलने हैं।”

हालांकि हेज़लवुड और कमिंस दोनों चोटों के कारण पर्थ में होने वाले पहले एशेज़ टेस्ट से बाहर हो गए हैं।

हेज़लवुड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खिलाड़ियों को स्पष्ट नीति के तहत अपने मैच चुनने की आज़ादी दी जाती है।

उन्होंने कहा,

“सभी टेस्ट मैच प्राथमिकता होते हैं… मगर हाँ, हम तीन में से दो टेस्ट खेल सकते हैं या पाँच में से तीन… यह इस पर निर्भर करता है कि अगला टेस्ट कितना निकट है। मुझे लगता है कि सभी प्रारूप खेलना एक हद तक संभव है।”

ऑस्ट्रेलिया के T20 विशेषज्ञ बल्लेबाज टिम डेविड ने भी माना कि हेज़लवुड जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज विभिन्न प्रारूपों के अनुसार अपने खेल को ढालने की क्षमता रखते हैं।

डेविड, जो आगामी IPL में RCB की ओर से खेलेंगे, बोले,

“हम ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में बहुत भाग्यशाली हैं। तेज गेंदबाज होने की वजह से ये खिलाड़ी सभी प्रारूप खेलते हैं… इनके पास इतना अनुभव है कि इन्हें अपने शरीर की सीमाओं और जरूरतों का ज्ञान है।”

29 वर्षीय डेविड ने कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रबंधन करना कठिन होता है, क्योंकि योजना बनाने का कौशल अनुभव के साथ आता है।

उन्होंने कहा,

“जब आप युवा होते हैं, तो आप नहीं समझते कि चीजें कैसे काम करती हैं। इसलिए अनुभवी खिलाड़ियों की योजना और अनुभव बहुत मदद करता है। हेज़लवुड जैसे गेंदबाजों का रिकॉर्ड दिखाता है कि उन्हें अपने निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता दी जाती है।”

— PTI AM AM UNG