सर्दियों के सत्र का पहला दिन: लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

**EDS: THIRD PARTY IMAGE; SCREENGRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi speaks on the first day of the Winter Session of Parliament, in New Delhi, Monday, Dec. 1, 2025. Union Ministers Jitendra Singh and L Murugan are also seen. (Sansad TV via PTI Photo)(PTI12_01_2025_000069B)

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (PTI) — लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई, क्योंकि विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision — SIR) पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

सदन द्वारा पांच दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने और महिला क्रिकेट टीम तथा अन्य खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देने के बाद, विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर विरोध शुरू कर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि यह शीतकालीन सत्र का पहला दिन है और उन्हें उम्मीद है कि सदस्य बहस और चर्चाओं में सकारात्मक तथा सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इन्हें बातचीत से हल किया जा सकता है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। यह नारेबाजी और पोस्टर दिखाने की जगह नहीं है।”

बिड़ला ने कहा कि सदस्य जनता द्वारा इस अपेक्षा के साथ चुने जाते हैं कि वे उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं नियमों के भीतर आपको पर्याप्त समय दूँगा, लेकिन हर बार सदन को व्यवस्थित रूप से बाधित करना ठीक नहीं है।”

अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल अत्यंत महत्वपूर्ण है और दुनिया को संदेश जाना चाहिए कि भारत की संसद सक्रिय और कार्यशील है।

उन्होंने कहा, “हमें एक अच्छा उदाहरण पेश करना चाहिए। सदन चलने दीजिए। सदन बहस और चर्चा के लिए है।”

हालाँकि, विपक्षी सदस्यों ने अपीलों को अनदेखा कर विरोध जारी रखा, जिसके चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

पिछला सत्र भी लगभग पूरी तरह ठप रहा था, क्योंकि विपक्ष ने बिहार में चल रहे SIR पर चर्चा की मांग की थी।

रविवार को सर्वदलीय बैठक से बाहर निकलते समय विपक्षी नेताओं ने कहा था कि वे SIR पर चर्चा की मांग पर अडिग रहेंगे।

चुनाव आयोग ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में SIR की घोषणा की थी।

इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने वाले हैं। असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग से ‘विशेष पुनरीक्षण’ के रूप में घोषित किया गया है।

इस विशाल मतदाता सूची सफाई अभियान में लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।

SIR का प्राथमिक उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें हटाना है, जिसके लिए जन्मस्थान की जाँच की जाएगी। यह कदम कई राज्यों में अवैध प्रवासियों, विशेषकर बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोगों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। PTI

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