
हांगकांग, 2 फरवरी (AP)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्क और भू-राजनीतिक कदमों के मद्देनज़र चीन के निर्यातक अब लैटिन अमेरिकी बाज़ारों में सस्ते उत्पादों की भरमार कर रहे हैं—खासतौर पर ऑटोमोबाइल और ई-कॉमर्स सामान।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन, लैटिन अमेरिका के कई देशों के लिए एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार बन चुका है। वह इस क्षेत्र के प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और बढ़ते बाज़ारों तक पहुंच चाहता है, साथ ही उस इलाके में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है जिसे ट्रंप “अमेरिका का पिछवाड़ा” मानते हैं।
चीन में घरेलू मांग धीमी है और कई उद्योगों में उत्पादन तेज़ी से बढ़ रहा है। ऐसे में नए बाज़ारों की तलाश ज़रूरी हो गई है। अमेरिका को निर्यात पिछले साल 20 प्रतिशत घटा, जबकि लैटिन अमेरिका (600 मिलियन से अधिक आबादी वाला बाज़ार) और अन्य क्षेत्रों में निर्यात बढ़ा।
वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक इंटर-अमेरिकन डायलॉग की एशिया-लैटिन अमेरिका कार्यक्रम निदेशक मार्गरेट मायर्स ने कहा,
“लैटिन अमेरिका में मज़बूत मध्यम वर्ग है, अपेक्षाकृत ऊंची क्रय शक्ति है और वास्तविक मांग मौजूद है। यही वजह है कि चीन के लिए अतिरिक्त औद्योगिक उत्पादन खपाने के लिहाज़ से यह सबसे आसान जगहों में से एक है।”
चीन में बने सस्ते वाहन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामानों की बाढ़ से वे देश नाराज़ हैं जो अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धी उद्योग खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं। मेक्सिको, चिली और ब्राज़ील जैसे देशों ने स्थानीय उद्योगों की सुरक्षा के लिए शुल्क बढ़ाए हैं या अन्य कदम उठाए हैं।
सस्ते ई-कॉमर्स उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी
चीन से आने वाले सस्ते सामान उपभोक्ताओं के लिए राहत हैं, लेकिन स्थानीय व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी।
टेमू और शीन जैसे चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस रुझान को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।
चिली की रेस्तरां मैनेजर लेडी मोगोलोन कहती हैं,
“मैं टेमू का लगातार इस्तेमाल करती हूं—कपड़े हों या घरेलू सामान। वही चीज़ें जो ब्रांडेड दुकानों या मॉल में मिलती हैं, टेमू पर बहुत सस्ती मिल जाती हैं।”
मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी सेंसर टावर के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में लैटिन अमेरिका में टेमू के औसतन 114 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता थे—जो 2024 की तुलना में 165 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। शीन के उपयोगकर्ताओं में 18 प्रतिशत वृद्धि हुई।
यह केवल ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं है।
मेक्सिको सिटी के डाउनटाउन में स्ट्रीट वेंडरों के स्टॉल चीनी टी-शर्ट, जैकेट, पैंट, खिलौने, घड़ियां और फर्नीचर से भरे पड़े हैं।
डाउनटाउन की एक लैंप दुकान के मैनेजर एंजेल रामिरेज़ संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “चीनी सामानों ने हमारे बाज़ार पर हमला कर दिया है।”
रामिरेज़ के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मेक्सिको सिटी के डाउनटाउन में चीनी सामान बेचने वाली दुकानों की संख्या तीन गुना से ज्यादा हो गई है, जिससे कई पुराने मैक्सिकन कारोबार बंद हो गए।
आयात से नौकरियां जा रही हैं
अर्जेंटीना पर चीनी आयात का सबसे ज़्यादा असर पड़ा है। फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं और मज़दूरों की छंटनी हो रही है—जबकि विनिर्माण क्षेत्र देश की लगभग एक-पांचवीं आबादी को रोज़गार देता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में ई-कॉमर्स आयात (ज्यादातर चीन से) पिछले साल की तुलना में 237 प्रतिशत बढ़ा।
प्रो-तेहेर फाउंडेशन के अध्यक्ष लुसियानो गाल्फ़ियोने ने कहा,
“रिकॉर्ड स्तर के आयात के कारण हम ऐतिहासिक रूप से सबसे कम क्षमता पर काम कर रहे हैं। हम अंधाधुंध हमले का सामना कर रहे हैं।”
ब्यूनस आयर्स स्थित फैशन ब्रांड जैज़मिन चेबर के मालिक और उद्योग चैंबर प्रमुख क्लाउडियो ड्रेशर ने कहा,
“अल्ट्रा-फास्ट फैशन के रूप में चीनी उत्पादों की बाढ़ बेहद चिंताजनक है। यह अंतरराष्ट्रीय समस्या है, लेकिन यहां इसका असर अब नाटकीय हो गया है।”
टेमू के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी लैटिन अमेरिका के स्थानीय कारोबारों को “कम लागत वाला, स्केलेबल ऑनलाइन मंच” उपलब्ध करा रही है और 2025 में मेक्सिको व ब्राज़ील में घरेलू विक्रेताओं के लिए अपना मार्केटप्लेस खोला है।
शीन ने बयान में कहा कि वह “स्थानीय उद्योगों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के महत्व का सम्मान करती है” और व्यापक व्यापार नीतियों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
ब्राज़ील और मेक्सिको में चीनी कारों की बढ़त
मेक्सिको और ब्राज़ील—जो लैटिन अमेरिका के प्रमुख ऑटो विनिर्माण केंद्र हैं—सस्ते चीनी वाहनों के आयात से दबाव में हैं।
BYD और GWM जैसी चीनी कंपनियां इस क्षेत्र में बड़े अवसर देख रही हैं। ब्राज़ील में 2024 में बिके 61,615 इलेक्ट्रिक वाहनों में से 80 प्रतिशत से अधिक चीनी ब्रांड थे।
मेक्सिको पिछले साल 6,25,187 वाहनों के साथ चीनी ऑटो निर्यात का सबसे बड़ा गंतव्य बन गया, रूस को पीछे छोड़ते हुए।
हालांकि दोनों देशों की अपनी मज़बूत ऑटो इंडस्ट्री है।
मेक्सिको दुनिया का सातवां सबसे बड़ा वाहन उत्पादक है, जबकि ब्राज़ील ने 2.6 मिलियन वाहन बनाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ईवी क्षेत्र में चीन को बड़े पैमाने और सरकारी समर्थन के कारण प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल है।
BYD और GWM ब्राज़ील में फैक्ट्रियां बना रही हैं, जिससे रोज़गार सृजन की उम्मीद है। हालांकि ब्राज़ील के अभियोजकों ने पिछले साल BYD पर खराब श्रम स्थितियों के आरोप में मुकदमा दायर किया था, जिसे कंपनी ने खारिज कर दिया।
संसाधन-समृद्ध लैटिन अमेरिका की चीन के सामने सीमित पकड़
चीन को लैटिन अमेरिका के प्राकृतिक संसाधनों की ज़रूरत है—ब्राज़ील का लिथियम, चिली का तांबा, पेरू का फिशमील। लेकिन इसके बावजूद कई देशों का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़ रहा है।
मेक्सिको का चीन के साथ व्यापार घाटा 2024 में 120 अरब डॉलर पहुंच गया।
अर्जेंटीना का घाटा 2025 में लगभग 8.2 अरब डॉलर रहा।
ब्राज़ील ने चीन के साथ 29 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया, जबकि चिली को तांबा, लिथियम, फल और शराब के निर्यात से फायदा हुआ।
2014-2023 के बीच चीन ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन को लगभग 153 अरब डॉलर के ऋण और अनुदान दिए—जो अमेरिका की तुलना में तीन गुना अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लैटिन अमेरिका चीन की “ग्लोबल साउथ” रणनीति का अहम हिस्सा है।
हालांकि कई देशों को प्रतिस्पर्धा को लेकर गहरी चिंता है, लेकिन आर्थिक निर्भरता के कारण वे चीन के निर्यात दबाव का खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
फिर भी कुछ देश कर रहे हैं विरोध
मेक्सिको ने लंबे समय से स्थानीय उद्योगों की रक्षा के लिए चीन से आयात पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाए हैं।
ब्राज़ील छोटे पार्सल पर कर छूट खत्म कर रहा है और ईवी आयात शुल्क बढ़ा रहा है।
चिली ने कम मूल्य वाले पार्सल पर 19 प्रतिशत वैट और अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि देशों को संतुलन बनाकर चलना होगा, क्योंकि ज्यादा सख्ती पर चीन जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
लाज़रस कंसल्टिंग के संस्थापक लेलैंड लाज़रस ने कहा,
“वे बहुत दूर तक नहीं जा सकते। उनकी पकड़ की भी एक सीमा है।”
(AP)
