सिथारमण ने तकनीक के हथियार बनाये जाने पर जताई चिंता, वैश्विक भलाई के लिए उपयोग की वकालत

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Oct. 3, 2025, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman during the inauguration of the new premises of the Ministry of Finance at Kartavya Bhawan 1, in New Delhi. (@CISFHQrs/X via PTI Photo)(PTI10_03_2025_000343B)

मुंबई, 7 अक्टूबर (PTI) — केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को तकनीक का उपयोग सार्वजनिक हित के लिए करने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही वैश्विक स्तर पर इसके “हथियार के रूप में इस्तेमाल” होने पर अपनी चिंता व्यक्त की।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत एक वैश्विक फिनटेक लीडर है, जिसने नवाचार, पैमाने और समावेशन में मानक स्थापित किए हैं।

उन्होंने वार्षिक ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कहा, “…सरल उद्देश्य यह होना चाहिए कि यह (तकनीक) सार्वजनिक भलाई के लिए हो। और किसी भी समय इसे हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।”

सीतारमण ने आगे कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि हम लगातार याद रखें कि तकनीक पर पूरी तरह नियंत्रण प्राप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन जब इसके किसी हिस्से पर अधिकार या स्वामित्व प्राप्त हो जाता है, तो हमें इसे हथियार बनाने से बचना चाहिए।”

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि हमने लगातार तकनीकी प्रगति के साथ ही आत्मकेंद्रित दृष्टिकोण के उदाहरण देखे हैं। उन्होंने बताया कि “तकनीक का हथियार बनाने के कारण वैश्विक प्रगति पर भी सवाल उठता है।”

हालांकि, उन्होंने अपने बयान के पीछे किसी विशेष उदाहरण का उल्लेख नहीं किया।

ये टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब कई देशों ने व्यापार और नवाचार पर नियंत्रण के उपाय किए हैं। अमेरिका, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तकनीकी शक्ति है, ने अपने व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव किए हैं। वर्तमान में भारत अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है, जबकि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर उच्च शुल्क और H1B वीजा के लिए शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है। अधिकांश H1B वीजा भारतीय तकनीकी कर्मचारियों द्वारा प्राप्त किए जाते हैं।

वर्ग: ब्रेकिंग न्यूज

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