
श्रीनगर, 11 जनवरी (पीटीआई):
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग का 2026 का कैलेंडर जारी किया, जो कश्मीर की सदियों पुरानी शिल्प परंपराओं को समर्पित एक दृश्य श्रद्धांजलि है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, यह कैलेंडर घाटी की कलात्मक विरासत की आत्मा को खूबसूरती से समेटे हुए है और क्षेत्र के कारीगरों के कौशल, समर्पण और प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
कैलेंडर जारी करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, “यह कैलेंडर उन कारीगरों को समर्पित एक श्रद्धांजलि है, जो कश्मीर की आत्मा को बुनते, तराशते और रंगों से सजाते हैं।”
उन्होंने कहा कि कारीगरों के हाथ सदियों पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं और कच्चे माल को उत्कृष्ट कृतियों में बदलते हैं, जो घाटी की भावना, जिजीविषा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हमारे शिल्पकार सिर्फ कला के सृजनकर्ता ही नहीं हैं, बल्कि वे कश्मीर की शाश्वत विरासत के जीवंत दूत हैं।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार नसीर असलम वानी, हस्तशिल्प और हथकरघा कश्मीर के निदेशक मुशर्रत इस्लाम, संयुक्त निदेशक हस्तशिल्प दीबा खालिद और उप निदेशक हस्तशिल्प मिर्ज़ा शाहिद अली भी मौजूद थे।
यह कैलेंडर नमदा, कानी शॉल, पेपर माचे, लकड़ी की नक्काशी, सोज़नी कढ़ाई, कालीन बुनाई, वाग्गुव और तांबे के बर्तनों सहित कई पारंपरिक शिल्पों को दर्शाता है, जहां प्रत्येक पृष्ठ पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी की कहानी बयान करता है।
