
बेंगलुरु, 22 अगस्त (पीटीआई) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को भाजपा शासित राज्यों में हुई 20 भगदड़ की घटनाओं को याद किया और इस घटना के लिए ‘सामूहिक उन्माद’ को ज़िम्मेदार ठहराया। यह घटना 4 जून को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ पर चर्चा के दौरान हुई जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री ने भगदड़ की सूची पढ़ी, जिसमें 3 अगस्त, 2008 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले के नैना देवी मंदिर में हुई भगदड़ शामिल थी, जब प्रेम सिंह धूमल मुख्यमंत्री थे। इसके बाद 2008 में जोधपुर में हुई भगदड़ का ज़िक्र किया गया, जिसमें 250 लोग मारे गए थे।
उन्होंने जिन भगदड़ों का ज़िक्र किया, उनमें 2013 में रतनगढ़, 2021 में हरिद्वार, 2023 में मध्य प्रदेश के सीहोर और 2024 में उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ शामिल है, जिसमें 121 लोग मारे गए थे।
उन्होंने इस साल जनवरी में कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में हुई भगदड़ का भी ज़िक्र किया, जिसमें 39 लोगों की जान चली गई थी। मुख्यमंत्री ने 2022 में गुजरात के मोरबी में पुल ढहने की घटना का भी ज़िक्र किया, जिसमें 135 लोग मारे गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे 42 साल के राजनीतिक जीवन में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। मैंने कभी भगदड़ में 11 लोगों को मरते नहीं देखा। मुझे बहुत दुख हुआ है। मैंने उसी दिन अपना दुख व्यक्त किया था।”
उन्होंने कहा कि लोगों ने आईपीएल मैच में आरसीबी की जीत को बेंगलुरु का गौरव माना। भगदड़ के पीछे इसी से पैदा हुआ जन उन्माद था।
सिद्धारमैया ने कहा, “लोकतंत्र में हमें कभी-कभी लोगों की उम्मीदों के आगे झुकना पड़ता है। यही लोकतंत्र की निशानी है।” उन्होंने बताया कि उन्हें आरसीबी की जीत के जश्न में शामिल होना पड़ा। पीटीआई केएसयू जीएमएस जीएमएस एडीबी
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग: #स्वदेशी, #समाचार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में याद दिलाया कि भाजपा शासित राज्यों में 20 भगदड़ की घटनाएं हुईं।
