सीतारमण ने 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after the presentation of the 'Union Budget 2026-27', in New Delhi, Sunday, Feb. 1, 2026. (PTI Photo/Salman Ali) (PTI02_01_2026_000489B)

नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो 31 मार्च को समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष की तुलना में 7.7 प्रतिशत अधिक है।

संशोधित अनुमान (आरई) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के लिए बजट का आकार 49.64 लाख करोड़ रुपये है, जो फरवरी 2025 में अनुमानित 50.65 लाख करोड़ रुपये से कम है।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट 46.52 लाख करोड़ रुपये का था।

सरकार ने अगले वित्त वर्ष में कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।

2026-27 में गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं।

सीतारमण ने कहा, “राजकोषीय घाटे की पूर्ति के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है। शेष वित्तपोषण लघु बचत और अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए बजट 2025-26 में निर्धारित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करेगी।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान (बीई) में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत या 16.95 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।

2026-27 के दौरान राजकोषीय घाटे की पूर्ति के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि शेष राशि लघु बचत और अन्य स्रोतों से जुटाई जाएगी। सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।

बजट दस्तावेजों के अनुसार, “वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी का अनुमान 3,93,00,393 करोड़ रुपये है, जो एनएसओ द्वारा जारी वित्त वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानों 3,57,13,886 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत अधिक है।”

सीतारमण ने कहा कि सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किए बिना लगातार अपने राजकोषीय दायित्वों को निभा रही है।

स्वीकृत राजकोषीय प्रबंधन मानकों की दिशा में, बजट 2025-26 में उन्होंने संकेत दिया था कि केंद्र सरकार 2030-31 तक ऋण-से-जीडीपी अनुपात को 50±1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखेगी।

उन्होंने कहा, “इसके अनुरूप, 2026-27 के बजट अनुमान में ऋण-से-जीडीपी अनुपात 55.6 प्रतिशत आंका गया है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 56.1 प्रतिशत था।”

उन्होंने जोड़ा कि घटता हुआ ऋण-से-जीडीपी अनुपात ब्याज भुगतान पर होने वाले खर्च को कम कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए संसाधन धीरे-धीरे मुक्त करेगा।

इस बीच, 2025-26 के संशोधित अनुमान के अनुसार, गैर-ऋण प्राप्तियां 34 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये हैं।

कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें चालू वित्त वर्ष के दौरान पूंजीगत व्यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है। (पीटीआई) NKD DRR