
बेरूत, 5 जनवरी (एपी)
सीरिया और इज़राइल के अधिकारी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से एक सुरक्षा समझौते तक पहुंचने की उम्मीद में पेरिस में अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत फिर से शुरू करने जा रहे हैं। एक सीरियाई अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
नाम न बताने की शर्त पर बोलने वाले इस अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि सीरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री असद अल-शिबानी और जनरल इंटेलिजेंस निदेशालय के प्रमुख हुसैन सलामेह करेंगे।
अधिकारी के अनुसार, इन वार्ताओं में सीरिया का मुख्य उद्देश्य 1974 के उस अलगाव (डिसएंगेजमेंट) समझौते को फिर से सक्रिय करना है, जिसके तहत दक्षिणी सीरिया में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक बफर ज़ोन स्थापित किया गया था, और साथ ही उस क्षेत्र से इज़राइली बलों की वापसी सुनिश्चित करना है, जिस पर उन्होंने एक साल से अधिक समय पहले कब्जा कर लिया था।
दिसंबर 2024 में, सीरिया के मौजूदा अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के नेतृत्व में विद्रोहियों ने एक तेज़ अभियान में देश के लंबे समय से सत्तारूढ़ तानाशाह बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
अल-शारा ने कहा है कि उनकी इज़राइल के साथ संघर्ष की कोई इच्छा नहीं है। हालांकि, इज़राइल नई इस्लामवादी नेतृत्व वाली सरकार को लेकर सशंकित रहा और उसने तुरंत बफर ज़ोन पर नियंत्रण कर लिया। इसके बाद इज़राइल ने सीरियाई सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों हवाई हमले किए और बफर ज़ोन के बाहर के गांवों में समय-समय पर घुसपैठ की, जिससे कई बार स्थानीय निवासियों के साथ हिंसक झड़पें भी हुईं।
इज़राइल का कहना है कि उसकी मौजूदगी अस्थायी है और इसका उद्देश्य असद समर्थक अवशेषों और उग्रवादियों को हटाकर इज़राइल को हमलों से सुरक्षित रखना है। हालांकि, उसने यह संकेत नहीं दिया है कि उसकी सेनाएं जल्द ही वहां से हटेंगी। दोनों देशों के बीच सुरक्षा समझौते को लेकर बातचीत पिछले साल ठप हो गई थी।
नई दौर की बातचीत में, सीरियाई अधिकारी ने कहा कि दमिश्क “8 दिसंबर 2024 से पहले की सीमाओं तक इज़राइली बलों की वापसी” की मांग करेगा, और यह सब एक पारस्परिक सुरक्षा समझौते के तहत होगा, जिसमें “सीरिया की पूर्ण संप्रभुता को प्राथमिकता दी जाएगी और देश के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को रोका जाएगा।”
इज़राइली अधिकारियों ने टिप्पणी के अनुरोधों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, सीरिया के लिए अमेरिकी दूत टॉम बैरक के प्रवक्ता ने भी इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
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