नई दिल्ली, 5 जुलाई (पीटीआई) — सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर केंद्र सरकार, राज्यपाल कार्यालय और अन्य को नोटिस जारी किया है, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राज्य सरकार की राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति (Vice-Chancellor) नियुक्त करने की शक्ति पर रोक लगा दी गई थी।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आर महादेवन की पीठ ने हाईकोर्ट की 21 मई की अंतरिम रोक के खिलाफ दायर याचिका पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को भी नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट का यह आदेश एक वकील द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया था, जिसमें राज्य सरकार के संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ये कानून यूजीसी के केंद्रीय नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिनके अनुसार कुलपति की नियुक्ति राज्यपाल (चांसलर) द्वारा ही की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि जिस कानून के प्रावधान पर रोक लगी है, वह पहले उन विधेयकों में शामिल था जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने ‘डिम्ड असेंट’ (माना गया अनुमोदन) दिया था, जब तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद हुआ था।
अब सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है।
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