इस्लामाबाद, 8 फरवरी (पीटीआई)
तकनीकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को पाकिस्तान के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रवेश के लिए लाइसेंस देने में डेटा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं, मस्क–ट्रंप विवाद और चीनी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के कारण देरी हो रही है। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
एलन मस्क के स्वामित्व वाली स्टारलिंक उन कई कंपनियों में शामिल है जो पाकिस्तान में परिचालन की अनुमति चाहती हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों के अनसुलझे रहने के कारण मंजूरी की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार को यह जानकारी मिली है कि स्टारलिंक पाकिस्तान की निगरानी, नियामक और सुरक्षा जांच प्रणालियों को दरकिनार करते हुए कुछ डेटा ट्रांसमिट कर सकती है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “हम उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं दे सकते।”
अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच चल रहा विवाद भी पाकिस्तान की ओर से सुरक्षा मंजूरी न दिए जाने का एक कारण है, क्योंकि इससे ट्रंप की नाराजगी का खतरा है। अतीत में ट्रंप और मस्क के बीच अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन बाद में दोनों के बीच मतभेद उभर आए।
ट्रंप के पिछले वर्ष सत्ता में लौटने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में सुधार आया है और इसलिए पाकिस्तान ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जिससे वॉशिंगटन में चिंता पैदा हो।
हालांकि, सूत्रों ने कहा, “वास्तविक कारण यह है कि सरकार ने कुछ मामलों का परीक्षण किया है, जिनमें स्टारलिंक द्वारा सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाएं प्रदान करते समय संवेदनशील डेटा एकत्र किए जाने की आशंका सामने आई है।”
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मुद्दे के समाधान पर काम कर रही है, जिस कारण स्टारलिंक को लाइसेंस देने में देरी हो रही है।
वर्तमान में पाकिस्तान के पास इंटरनेट डेटा पर नियंत्रण है क्योंकि पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड (पीटीसीएल) अंडरसी केबल इंफ्रास्ट्रक्चर में बहुलांश हिस्सेदार है।
हालांकि, अधिकारियों को आशंका है कि सैटेलाइट आधारित इंटरनेट डेटा पर ऐसा नियंत्रण संभव नहीं होगा और विदेशी कंपनियां, विशेष रूप से स्टारलिंक, डेटा चोरी में शामिल हो सकती हैं।
सूत्रों ने बताया कि सैटेलाइट आधारित सेवाएं मुख्य रूप से बलूचिस्तान जैसे दूरदराज के इलाकों में दी जाएंगी, जहां पारंपरिक इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं या उपलब्ध नहीं हैं।
फिलहाल, संबंधित प्राधिकरण इंटरनेट सेवाओं की निगरानी करते हैं और सुरक्षा चिंताओं की स्थिति में कनेक्टिविटी को निलंबित भी कर सकते हैं। लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि जरूरत पड़ने पर सैटेलाइट आधारित सेवाओं को रोकने में कठिनाई हो सकती है।
वर्तमान में पाकिस्तान में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाओं के लिए पांच कंपनियां लाइसेंस मांग रही हैं और देश में करोड़ों डॉलर के निवेश की योजना बना रही हैं।
पाकिस्तान स्पेस एक्टिविटीज रेगुलेटरी बोर्ड (पीएसएआरबी) के अनुसार, स्टारलिंक और चीन की शंघाई स्पेसकॉम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड (एसएसएसटी) सहित पांच कंपनियों ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने में गहरी रुचि दिखाई है।
चीनी कंपनियों को पहले से ही अमेरिकी कंपनियों की तुलना में पाकिस्तानी बाजार में बढ़त हासिल है। ये कंपनियां भी पाकिस्तान के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में प्रवेश की कोशिश कर रही हैं और स्टारलिंक को सीधा प्रतिस्पर्धी मानती हैं।
हालांकि, लाइसेंसिंग प्रक्रिया अभी भी पीएसएआरबी बोर्ड के पास लंबित है, जिसने अभी तक अंतिम लाइसेंसिंग ढांचा तय नहीं किया है।
पीएसएआरबी अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने सभी हितधारकों से परामर्श पूरा कर लिया है, लेकिन सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए और समय की आवश्यकता है।
(पीटीआई)

