
बीजिंग, 29 जनवरी (एपी) – ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को यूके और चीन के बीच गहरी बातचीत और “समग्र रणनीतिक साझेदारी” की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि बदलती वैश्विक परिस्थितियाँ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान कूटनीतिक प्राथमिकताओं को बदल रहे हैं।
हालांकि किसी ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनके बयान में वाशिंगटन द्वारा शीत युद्ध के बाद के वैश्विक क्रम को चुनौती देने के प्रभाव साफ नजर आया। दोनों नेताओं ने स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग पर जोर दिया।
स्टारमर ने कहा, “मुझे लगता है कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर चुनौतीपूर्ण समय में मिलकर काम करना ठीक वही है जो हमें करना चाहिए।” ये बैठक आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री का चीन का पहला दौरा थी। इससे पहले यूके–चीन संबंध तनावपूर्ण रहे थे, जिसमें ब्रिटेन में चीनी जासूसी के आरोप, यूक्रेन युद्ध में चीन का रूस का समर्थन और हांगकांग में राजनीतिक स्वतंत्रताओं पर चीन की रोक शामिल थी।
शी ने कहा, “पिछले वर्षों में चीन–यूके संबंधों में पीछे हटना हुआ, जो किसी भी देश के हित में नहीं था। जटिल और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करना चाहिए ताकि विश्व शांति और स्थिरता बनी रहे।”
स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करते हुए चीन के साथ कूटनीतिक संवाद और आर्थिक सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी लेबर सरकार ब्रिटेन को “दुनिया की ओर फिर से मुखर” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरे पर स्टारमर के साथ 50 से अधिक वरिष्ठ व्यापार नेताओं और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी थे, ताकि चीन में व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ाए जा सकें।
स्टारमर इस महीने बीजिंग जाने वाले अमेरिका-से जुड़े देशों के चौथे नेता हैं, जिनसे पहले दक्षिण कोरिया, कनाडा और फ़िनलैंड के नेता गए। अगले महीने जर्मनी के चांसलर की भी यात्रा की संभावना है।
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