
गुरुग्राम, 18 जनवरी (पीटीआई) हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने रविवार को केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंदरजीत सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उनका राजनीतिक करियर 1987 में जाटूसाना विधानसभा चुनाव में राव इंदरजीत को हराने के बाद शुरू हुआ था।
राव नरबीर ने यह बात 2009 के चुनावों को लेकर राव इंदरजीत के बयान का जवाब देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। यह प्रेस वार्ता विकसित भारत-जी राम जी एक्ट को लेकर आयोजित की गई थी।
राव नरबीर ने कहा कि वर्ष 1987 में उन्होंने जाटूसाना विधानसभा सीट से राव इंदरजीत को हराकर राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने कहा कि जाटूसाना को राव इंदरजीत का राजनीतिक गढ़ माना जाता था, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
नरबीर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के कारण राव इंदरजीत को 2009 में हरियाणा कैबिनेट मंत्री की हार तो याद है, लेकिन अपनी खुद की हार याद नहीं है।
इन दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चली आ रही है और समय-समय पर दोनों सार्वजनिक मंचों से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरबीर ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी एक्ट पारदर्शिता के नए आयाम स्थापित करेगा, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष लगातार नए मुद्दे खड़े कर नागरिकों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, “विपक्षी दल इस योजना को लेकर लगातार झूठे आरोप लगा रहे हैं, जबकि इस योजना का मूल उद्देश्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद लोगों को रोजगार और लाभ प्रदान करना है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस योजना के तहत पहले 100 दिनों की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, ताकि गरीब और श्रमिक वर्ग को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें।”
पीटीआई COR MNK MNK
