चंडीगढ़, 21 अगस्त (पीटीआई): सीबीआई जांच के दायरे में आए 19 वर्षीय शिक्षिका की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को भिवानी जिले के धानी लक्ष्मण गांव में कर दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
मनीषा का शव 13 अगस्त को भिवानी के एक खेत में मिला था। वह 11 अगस्त को स्कूल से निकलने के बाद लापता हो गई थी। बताया गया था कि वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के संबंध में जानकारी लेने गई थी।
इस बीच, हरियाणा सरकार ने भिवानी जिले में मोबाइल इंटरनेट, बल्क एसएमएस (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) तथा मोबाइल नेटवर्क पर डोंगल सेवाओं (वॉयस कॉल को छोड़कर) की बंदी गुरुवार सुबह 11 बजे से अगले 24 घंटे के लिए बढ़ा दी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा था कि शिक्षिका के परिवार की मांग पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी। बुधवार को एम्स, दिल्ली में तीसरा पोस्टमार्टम कराने के बाद देर रात शव भिवानी लाया गया। इससे पहले भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक पीजीआईएमएस में भी पोस्टमार्टम हो चुका था।
गुरुवार सुबह धानी लक्ष्मण गांव में जब अंतिम संस्कार किया गया तो पिता संजय बेसुध होकर रो पड़े।
सरकार ने इससे पहले मंगलवार को भिवानी और चरखी दादरी जिलों में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि गुरुवार को केवल भिवानी में ही यह पाबंदी बढ़ाई गई।
गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है और यह 21 अगस्त सुबह 11 बजे से अगले 24 घंटे तक लागू रहेगा।
शिक्षिका की मौत को लेकर जिले में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने सड़कें जाम कर दीं और विपक्षी दलों ने सीबीआई जांच की मांग उठाई। ग्रामीणों ने गांव में धरना भी दिया और अपनी मांगों को लेकर समिति बनाई। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। सरकार के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया।
पुलिस ने सोमवार को दावा किया था कि प्राथमिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और युवती ने जहर खाकर जान दी। इसी दिन कथित ‘सुसाइड नोट’ मिलने से जांच का रुख बदल गया।
हालांकि, पीड़िता के पिता ने मंगलवार को पुलिस के दावे को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, “प्रशासन कह रहा है कि मेरी बेटी ने आत्महत्या की है, लेकिन मैं कह सकता हूं कि वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे न्याय चाहिए।”
इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य की बीजेपी सरकार को घेरा। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पुलिस का रवैया “लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना” रहा है तथा पूरे मामले को आत्महत्या साबित करने की “दुर्भाग्यपूर्ण कोशिश” की जा रही है।
पीटीआई
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