हसीना युग के बाद बांग्लादेश में ऐतिहासिक चुनाव की तैयारियां शुरू, प्रचार अभियान तेज

Supporters of Bangladesh's National Citizen Party hold a campaign rally ahead of next month's national elections in Dhaka(AP)

ढाका, 22 जनवरी (AP): वर्ष 2024 के जनआंदोलन के बाद अपदस्थ की गईं लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के बाद बांग्लादेश में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय चुनाव के लिए गुरुवार से चुनाव प्रचार शुरू हो गया। 12 फरवरी को प्रस्तावित ये चुनाव अंतरिम सरकार के तहत कराए जा रहे हैं और इन्हें देश के इतिहास के सबसे निर्णायक चुनावों में से एक माना जा रहा है। इस दौरान मतदाता प्रस्तावित राजनीतिक सुधारों पर भी अपना मत देंगे।

ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में राजनीतिक रैलियां आयोजित की गईं, जहां शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बदले राजनीतिक परिदृश्य में प्रमुख दल अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का भरोसा दिलाया है, हालांकि शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से अवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ही देश की राजनीति पर हावी रही हैं।

कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, लेकिन अंतरिम प्रशासन ने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से होगा। शेख हसीना के भारत रवाना होने के तीन दिन बाद, 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस ने सत्ता संभाली थी। हसीना का सत्ता से जाना उस हिंसक कार्रवाई के बाद हुआ था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।

अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद इस्लामवादी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला 10 दलों का गठबंधन अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मैदान में है। इस गठबंधन में नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) भी शामिल है, जिसकी स्थापना जनआंदोलन के छात्र नेताओं ने की थी। जमात-ए-इस्लामी को उसके रुख को लेकर धर्मनिरपेक्ष समूहों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जो इसे बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष संरचना के लिए चुनौतीपूर्ण मानते हैं।

बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। रहमान 17 वर्षों के निर्वासन के बाद पिछले महीने ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे हैं। वह सिलहट से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहे हैं और आने वाले दिनों में कई जिलों का दौरा करेंगे। वहीं, जमात-ए-इस्लामी और एनसीपी ढाका से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं।

इन चुनावों के साथ एक राष्ट्रीय चार्टर पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य जुलाई 2024 के जनआंदोलन के बाद लाए गए सुधारों को संस्थागत रूप देना है। यह चार्टर 52 में से 25 पंजीकृत राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित है और इसमें विधायकों के लिए कार्यकाल सीमा, कार्यपालिका की शक्तियों पर मजबूत नियंत्रण और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों का प्रस्ताव है। फिलहाल यह चार्टर बाध्यकारी नहीं है, लेकिन जनमत संग्रह के जरिए इसे संविधान का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है।

अंतरिम सरकार का कहना है कि यह चार्टर भविष्य में किसी भी सत्तावादी सरकार को रोकने में मदद करेगा, क्योंकि इससे ऐतिहासिक रूप से शक्तिशाली प्रधानमंत्री पद के मुकाबले राष्ट्रपति को अधिक संतुलनकारी अधिकार मिलेंगे। हालांकि अवामी लीग सहित कुछ विपक्षी दलों ने चार्टर पर आपत्ति जताई है और कई दलों ने इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है।

12 फरवरी को होने वाला यह चुनाव न केवल बांग्लादेश की अगली सरकार तय करेगा, बल्कि आने वाले दशकों के लिए देश की राजनीतिक संरचना को भी नया आकार दे सकता है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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