हादी की हत्या की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के लिए बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र से समर्थन मांगा

**EDS: FILE PHOTO; WITH STORY** An undated file photo of Bangladesh's interim government Chief Adviser Muhammad Yunus. (PTI Photo)(PTI12_30_2025_000075B)

ढाका, 8 फरवरी (पीटीआई)

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय से सहयोग मांगा है। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को दी गई।

32 वर्षीय हादी, ‘इंक़िलाब मंचो’ के प्रवक्ता थे और जुलाई–अगस्त 2024 के जनआंदोलनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे, जिनके चलते शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार का पतन हुआ था। 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान उन्हें सिर में गोली मारी गई थी।

राज्य संचालित समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, अंतरिम सरकार ने हादी की हत्या की उचित जांच सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) से सहयोग मांगा है। मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग ने शनिवार को बताया कि बांग्लादेश के जिनेवा स्थित स्थायी मिशन ने शुक्रवार को OHCHR को इस संबंध में एक आधिकारिक ‘नोट वर्बेल’ भेजा।

प्रेस विंग के अनुसार, बांग्लादेश ने हत्या की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से तकनीकी और संस्थागत सहायता का औपचारिक अनुरोध किया है।

प्रेस विंग ने कहा,

“बांग्लादेश सरकार ने दोहराया है कि वह शहीद शरीफ उस्मान हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

हादी आगामी 12 फरवरी के चुनावों के लिए संसदीय उम्मीदवार भी थे। उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया था, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

जनवरी में ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) की डिटेक्टिव ब्रांच ने हत्या के मामले में 17 लोगों के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद भी शामिल था। पुलिस ने कहा था कि हादी की हत्या “राजनीतिक प्रतिशोध” के तहत अवामी लीग के इशारे पर की गई।

हालांकि, हादी की पार्टी ने पुलिस के आरोप पत्र को खारिज करते हुए राज्य तंत्र पर ही हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया।

ढाका में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान डीएमपी डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त मोहम्मद शफीकुल इस्लाम ने कहा था कि कथित शूटर मसूद, अवामी लीग की छात्र शाखा छात्र लीग से सीधे जुड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि हादी की हत्या अवामी लीग-नामित वार्ड काउंसलर तैज़ुल इस्लाम चौधरी बप्पी के निर्देश पर की गई।

अंतरिम सरकार ने पिछले वर्ष अवामी लीग और उसकी छात्र शाखा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हादी की हत्या से बांग्लादेश में एक बार फिर राजनीतिक अशांति फैल गई और भारत के साथ संबंधों में भी तनाव आया, जब कुछ समूहों ने इस अपराध में भारत की भूमिका होने का आरोप लगाया। नई दिल्ली ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए उन्हें “झूठा नैरेटिव” बताया है।