
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (पीटीआई) देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या पिछले 11 वर्षों में 387 से बढ़कर 819 हो गई है, यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने शनिवार को दी।
एआईआईएमएस (AIIMS) के यहां आयोजित 50वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि इसी तरह स्नातक चिकित्सा सीटें 51,000 से बढ़कर 1.29 लाख और स्नातकोत्तर सीटें 31,000 से बढ़कर 78,000 हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर अतिरिक्त 75,000 सीटें बढ़ाई जाने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्नातक होने वाले छात्रों को बधाई दी और एआईआईएमएस की चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और देश में रोगी सेवा को आगे बढ़ाने में इसके अतुलनीय योगदान की सराहना की।
उन्होंने युवा डॉक्टरों से लोगों की सेवा करुणा के साथ करने, उच्चतम नैतिक मानकों को बनाए रखने और देश की बदलती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए नवाचार को अपनाने का आग्रह किया।
नड्डा ने यह भी कहा कि देश ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में काफी प्रगति की है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (SRS) के आंकड़ों के अनुसार मातृ मृत्यु दर (MMR) 130 से घटकर 88 और शिशु मृत्यु दर (IMR) 39 से घटकर 27 हो गई है।
पांच वर्ष से कम आयु मृत्यु दर (U5MR) और नवजात मृत्यु दर (NMR) में भी क्रमशः 42 प्रतिशत और 39 प्रतिशत की महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
नड्डा ने आगे कहा कि लैंसेट रिपोर्ट के अनुसार भारत में टीबी की घटनाओं में 17.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो वैश्विक दर 8.3 प्रतिशत से अधिक है।
अपने संबोधन का समापन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्नातक छात्रों से अकादमिक और शोध में सक्रिय रूप से योगदान देने और अपने पेशेवर एवं नैतिक आचरण में उत्कृष्टता के माध्यम से एआईआईएमएस की प्रतिष्ठित विरासत और ब्रांड को बनाए रखने का अनुरोध किया।
उन्होंने उन्हें जीवनभर सीखते रहने और नवाचार करते रहने, चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और समाज की करुणापूर्ण सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया। पीटीआई पीएलबी आरसी
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