
नई दिल्ली, 11 मार्च (भाषा)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए शहर में कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क का विस्तार कर 7,000 से अधिक कर दिया है।
एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केंद्र अब जाति, जन्म, मृत्यु, आय आदि के लिए प्रमाण पत्र जारी करने सहित 75 प्रमुख ई-जिला सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
बिचौलियों और निजी साइबर कैफे द्वारा नागरिकों के शोषण को रोकने के लिए, इन सेवाओं के लिए 30 रुपये का मामूली शुल्क तय किया गया है।
इससे पहले दिन में, गुप्ता ने सार्वजनिक शिकायतों को दूर करने के लिए अपने आधिकारिक आवास पर ‘जन सुनवाई’ का आयोजन किया। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “नागरिकों की बात सुनना और उनकी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान करना ही सुशासन का सही उपाय है।
उन्होंने कहा कि ‘सीएम जन सुनवई पोर्टल’ और इससे जुड़े मोबाइल ऐप एक एकीकृत मंच के रूप में काम करते हैं, जहां दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं।
पोर्टल नागरिकों को अपनी शिकायतों की प्रगति पर नज़र रखने की अनुमति देता है। ऐसे मामलों में, जहां कोई निवासी समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, सिस्टम स्वचालित रूप से मामले को उच्च अधिकारियों के पास ले जाता है।
ऑनलाइन प्रणाली के अलावा, गुप्ता ने कहा कि नागरिक कॉल सेंटर हेल्पलाइन (1902) के माध्यम से या मुख्यमंत्री कार्यालय (सी. एम. ओ.) में व्यक्तिगत रूप से जाकर अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। पीटीआई वीआईटी एकेवाई
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