
नई दिल्ली, 19 दिसंबर (पीटीआई): लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को सदन में वीबी-जी राम जी विधेयक पर चर्चा के दौरान आठ कांग्रेस सांसदों द्वारा विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना किए जाने के आरोप से जुड़े नोटिस की जांच कर रहे हैं। यह नोटिस भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने दिया है।
सदन के नियमों का हवाला देते हुए दुबे ने गुरुवार को आठ कांग्रेस सांसदों के खिलाफ “अवमाननापूर्ण और अशोभनीय” आचरण के आरोप में विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा।
नोटिस में जिन सांसदों के नाम शामिल हैं, वे हैं— हिबी ईडन, डीन कुरियाकोसे, एस मुरासोली, के गोपीनाथ, शशिकांत सेंथिल, शफी परंबिल, एस वेंकटेशन और जोथिमणि।
अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष इस नोटिस की जांच कर रहे हैं।
दुबे ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सदन की सहायता कर रहे अधिकारियों के लिए “लगातार व्यवधान पैदा कर सदन के सुचारु संचालन में बाधा डाली।”
उन्होंने कहा, “यह सदन की उपस्थिति में कदाचार है, अध्यक्ष के अधिकार की अवहेलना है और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे सदन के अधिकारियों को बाधित करना है, जो सांसदों के सामूहिक विशेषाधिकार का स्पष्ट उल्लंघन और सदन की अवमानना है।”
दुबे ने अध्यक्ष बिरला से विपक्षी सांसदों के खिलाफ “कड़ी कार्रवाई” करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
जब मंत्री शिवराज सिंह चौहान बहस का जवाब दे रहे थे, तब विपक्षी सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए, उन्होंने विधेयक की प्रतियां फाड़ीं और ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक के प्रावधानों के विरोध में मेजों पर खड़े हो गए। यह विधेयक 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। पीटीआई एनएबी एआरआई
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