विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह पेपरलेस और तकनीकी रूप से उन्नत हो जाएगी। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा परिसर का निरीक्षण कर इस कार्य की प्रगति का जायजा लिया और कहा कि आधुनिक तकनीक को विधायी प्रक्रिया में शामिल करना बेहद जरूरी है, ताकि दिल्ली विधानसभा का कामकाज अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिकों के अनुकूल हो सके।
NeVA के तहत विधानसभा में स्मार्ट डेलीगेट यूनिट्स, माइक्रोफोन, वोटिंग पैनल, RFID और NFC एक्सेस, बहुभाषিক इंटरप्रिटेशन सपोर्ट और सदस्यों के लिए रियल टाइम एजेंडा व दस्तावेज़ देखने हेतु iPad जैसी सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं24। हाई-डेफिनिशन कैमरे, सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल, मजबूत और सुरक्षित नेटवर्किंग के साथ पावर बैकअप, और ऑटोमेटेड ऑडियो-विजुअल सिस्टम भी इस सिस्टम का हिस्सा हैं।
दिल्ली विधानसभा ने मार्च में MoU साइन कर NeVA को अपनाया है, जिससे दिल्ली देश की 28वीं विधानसभा बन गई है जिसने यह प्लेटफॉर्म अपनाया है3456। इसका उद्देश्य विधायी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाकर पारदर्शिता, दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता बढ़ाना है। इससे न केवल कागज की खपत कम होगी, बल्कि सदस्यों को डिजिटल टूल्स मिलेंगे और कार्यवाही कहीं से भी, कभी भी की जा सकेगी456।
स्पीकर गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र से पहले पूरी विधानसभा पेपरलेस मोड में आ जाएगी और यह दिल्ली सरकार के 100 दिनों के एजेंडे का भी हिस्सा है। NeVA के जरिए दिल्ली विधानसभा देश में डिजिटल गवर्नेंस का मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है

