नई दिल्ली, 5 जून (पीटीआई)
दिल्ली के साकेत कोर्ट के लॉकअप में गुरुवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक के चलते एक विचाराधीन कैदी की दो अन्य कैदियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, हत्या के प्रयास के मामले में विचाराधीन 24 वर्षीय अमन को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था, तभी लॉकअप में जितेंद्र उर्फ जित्ते और जयदेव उर्फ बच्चा ने उस पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने अमन को बार-बार लात मारी और उसका सिर दीवार पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल अमन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है, जिसमें यह भी देखा जाएगा कि लॉकअप में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समय पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। घटना के समय लॉकअप में कई अन्य विचाराधीन कैदी भी मौजूद थे।
डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया कि अमन को कोर्ट में पेश करने के लिए लाया गया था, तभी यह घटना लॉकअप के खारजा नंबर 5 में हुई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते हुआ। 2024 में अमन ने कथित तौर पर जितेंद्र और उसके भाई पर चाकू से हमला किया था। पुलिस के अनुसार, यह दुश्मनी हिरासत के दौरान भी बनी रही और बढ़ गई।
गोविंदपुरी निवासी अमन को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है।
पीटीआई से बात करते हुए, पटियाला हाउस कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट वीरेंद्र कसाना ने इसे दिल्ली पुलिस की बड़ी सुरक्षा चूक बताया। उन्होंने कहा, “पुरानी दुश्मनी रखने वाले तीन लोगों को एक ही सेल में रखना बहुत गंभीर मुद्दा है। पुलिस अधिकारियों को पता होता है कि वे किन अपराधियों को कोर्ट में पेश करने ला रहे हैं, लेकिन उन्हें एक साथ रखना बड़ी लापरवाही है।”
पुलिस को इस मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है और जांच के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस अन्य विचाराधीन कैदियों से भी पूछताछ करेगी और यह जानने की कोशिश करेगी कि कोर्ट लॉकअप में सुरक्षा कर्मियों ने समय पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी।
पुलिस ने बताया कि अमन, जितेंद्र और जयदेव तीनों तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे।

