नई दिल्ली, 5 जून (पीटीआई)
देश से वामपंथी उग्रवाद (लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म) को मार्च 2026 तक समाप्त करने की रणनीति के तहत सुरक्षा बलों के रडार पर फिलहाल 16 शीर्ष माओवादी कमांडर हैं। गुरुवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के जंगलों में सुरक्षा बलों ने 67 वर्षीय नरसिम्हा चालम उर्फ सुधाकर को मार गिराया, जो माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति का सदस्य था। सुधाकर के सिर पर 40 लाख रुपये का इनाम था और वह छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में माओवादी नेटवर्क का संचालन करता था।
यह कार्रवाई उस घटना के दो सप्ताह बाद हुई, जब सुरक्षा बलों ने बस्तर क्षेत्र में सीपीआई (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु (70) को ढेर कर दिया था, जिससे प्रतिबंधित संगठन को बड़ा झटका लगा। पुलिस के अनुसार, सुधाकर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से गुमराह करने, कई हत्याओं और घातक हमलों के लिए जिम्मेदार था। उसकी मौत माओवादी नेतृत्व के लिए बड़ा झटका है, खासकर दंडकारण्य क्षेत्र में, जहां संगठन पहले से ही नेतृत्व संकट से जूझ रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बाकी बचे 15 शीर्ष माओवादी नेताओं में से 9 बस्तर क्षेत्र में छिपे हैं, जिन पर कुल मिलाकर 8.4 करोड़ रुपये का इनाम है1। इन 16 केंद्रीय समिति सदस्यों में मुप्पल्ला लक्ष्मण राव उर्फ रामन्ना, मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ अभय, मिसिर बेसरा उर्फ सुनीर्मल, देवजी उर्फ चेतन देवजी, गणेश उइके उर्फ गणेशन्ना, माडवी हिडमा उर्फ हिडमन्ना, सुजाता उर्फ कल्पना और मल्ला राजा रेड्डी उर्फ सायन्ना जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी पर सरकार द्वारा 1.37 करोड़ से 40 लाख रुपये तक का इनाम घोषित है।
सुरक्षा बल, खुफिया एजेंसियों के सहयोग से, इन बचे हुए शीर्ष नेताओं को पकड़ने और समाप्त करने के लिए समन्वित अभियान चला रहे हैं, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है

