नई दिल्ली, 9 जून (पीटीआई)
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में एक 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोपी ने वारदात से पहले एक अन्य लड़की को भी अपने फ्लैट में बुलाने की कोशिश की थी। आरोपी ने बच्ची की हत्या कर उसके शव को एक सूटकेस में भर दिया था। यह फ्लैट पीड़िता के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 30 वर्षीय आरोपी एक साल पहले पांच मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर रहने आया था। उसकी “आपराधिक प्रवृत्ति” के चलते लोग उससे दूरी बनाकर रखते थे।
पीड़िता के चाचा नौशाद ने बताया, “कुछ लोगों ने उसे अपनी पत्नी को पीटते हुए सुना था। शायद इसी वजह से उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई।”
उन्होंने कहा कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड है और करीब 20 दिन पहले उसने नशे की हालत में इलाके में हंगामा भी किया था।
“हम हमेशा उससे दूरी बनाकर रखते थे, क्योंकि वह संदिग्ध लगता था। उसके भाइयों की भी ऐसी ही प्रवृत्ति है। जब उसने अपने फ्लैट की खिड़की से एक बड़ी लड़की को दरवाजा खोलने में मदद के बहाने बुलाया, तो वह उसकी मंशा समझ गई और नहीं गई,” नौशाद ने बताया।
पीड़िता सरकारी स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा थी। शनिवार शाम करीब 7 बजे वह पास ही रहने वाले एक रिश्तेदार के घर बर्फ पहुंचाने गई थी।
“उसकी दादी ने उसे बर्फ देने भेजा था, क्योंकि उनके पास फ्रिज नहीं था। किसी को अंदाजा नहीं था कि लौटते वक्त वह व्यक्ति उसे अपने घर में फंसा लेगा,” नौशाद ने कहा।
बच्ची के पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं, मां गृहिणी हैं और उसके दो छोटे भाई (करीब दो और चार साल के) हैं।
मां ने बेटी का घायल चेहरा देखकर सदमे में आकर रोना तक बंद कर दिया था। “मां की हालत बहुत खराब है। वह गहरे सदमे में चली गई थी और बहुत देर तक रोई भी नहीं। हमें उसे जबरन रुलाना पड़ा, नहीं तो उसकी हालत और बिगड़ जाती। पिता भी टूट चुके हैं, लेकिन बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं,” नौशाद ने बताया।
स्थानीय लोग बच्ची को बहुत प्यारी, आज्ञाकारी और हंसमुख बताते हैं। “उसका अंतिम संस्कार रविवार शाम को हुआ। हम उसे हमेशा एक प्यारी और बड़ों का सम्मान करने वाली बच्ची के रूप में याद रखेंगे,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।
लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस मुठभेड़ की मांग की है, जो फिलहाल फरार है।
शनिवार शाम जब बच्ची देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पिता के मुताबिक, उन्होंने कई रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
“वह सिर्फ बर्फ देने गई थी। रिश्तेदारों ने बताया कि वह पांच मिनट रुकी और फिर चली गई, लेकिन वापस नहीं लौटी। हमने हर जगह तलाश की। आखिरकार किसी ने बताया कि उसे पास के एक घर में जाते देखा गया था। वहीं हमें वह सूटकेस में मिली,” पिता ने बताया।
पिता ने बताया कि जब वे उस घर पहुंचे तो वह बंद था। उन्होंने ताला तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो बेटी का शव खून से सने सूटकेस में मिला।
परिजन बच्ची को तुरंत स्थानीय क्लिनिक ले गए, लेकिन डॉक्टर ने तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी। शास्त्री पार्क स्थित जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दयालपुर पुलिस को रात 8:40 बजे घटना की पीसीआर कॉल मिली। पुलिस टीम तुरंत नेहरू विहार, गली नंबर 2 पहुंची, जहां पता चला कि बच्ची को पिता अस्पताल ले गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता और आरोपी दोनों एक ही समुदाय के हैं और आरोपी बच्ची के घर के पास रहता था। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी कि बच्ची की मृत्यु हो चुकी है।
“प्रथम दृष्टया, डॉक्टरों ने बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान और यौन उत्पीड़न की आशंका जताई है,” अधिकारी ने बताया।
दयालपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पोक्सो एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
“आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है,” अधिकारी ने कहा।

