दिल्ली-एनसीआर की भीड़ कम करने के लिए दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने दो मेगा हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी5

प्रमुख प्रोजेक्ट्स:

  1. UER-2 से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कनेक्शन:
  2. 17 किलोमीटर लंबा नया हाईवे अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-2) को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (ट्रॉनिका सिटी के पास) से जोड़ेगा। इसके बनने से दिल्ली के अंदरूनी रास्तों, एनएच-48, एनएच-44, रिंग रोड और बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर पर ट्रैफिक दबाव कम होगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 3,300 करोड़ रुपये है14
  3. ट्रॉनिका सिटी से FNG एक्सप्रेसवे तक 65 किमी हाईवे:
  4. दूसरा प्रोजेक्ट ट्रॉनिका सिटी से निर्माणाधीन फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला 65 किलोमीटर लंबा हाईवे है। यह दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-मेरठ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, डीएनडी-फरीदाबाद और यमुना एक्सप्रेसवे समेत पांच प्रमुख सड़कों को जोड़ेगा। इससे ल़ोनी, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद जैसे एनसीआर शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सराय काले खां, कालिंदी कुंज जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का ट्रैफिक कम होगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 7,500 करोड़ रुपये है5

परियोजनाओं की विशेषताएं और लाभ:

  1. दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
  2. निर्माण का जिम्मा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के पास रहेगा और दिल्ली सरकार का PWD सहयोग करेगा5
  3. केंद्र सरकार ने दिल्ली में ट्रैफिक डीकंजेशन के लिए कुल 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं5
  4. इन परियोजनाओं में दिल्ली के लैंडफिल साइट्स से निकाले गए इनर्ट वेस्ट (कचरा) का भी सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा5

इन दोनों हाईवे प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र की कनेक्टिविटी तथा प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।