नई दिल्ली, 9 जून (पीटीआई)
दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच डॉक्टरों ने लोगों को मांसपेशियों में ऐंठन, डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक जैसी गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में लू का अलर्ट जारी किया है और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की अपील की है। सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान न सिर्फ असहज है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकता है।
प्राइमस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विकास चोपड़ा ने कहा, “लू बुजुर्गों, बच्चों और हृदय व श्वसन संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए गंभीर खतरा है। 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान में लंबे समय तक रहने से हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य बीमारियां हो सकती हैं। मैं लोगों को सलाह देता हूं कि हल्के, ढीले और सांस लेने योग्य कपड़े पहनें, खुद को हाइड्रेट रखें और दिन के सबसे गर्म हिस्से में घर के अंदर रहें।”
एम्स दिल्ली के मेडिसिन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने कहा कि बच्चे भी गर्मी के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं और वे बीमारी के शुरुआती लक्षण पहचान नहीं पाते।
उन्होंने कहा, “स्कूलों को दोपहर की तेज गर्मी में बाहरी गतिविधियां कम करनी चाहिए और बच्चों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए प्रेरित करना चाहिए। माता-पिता और शिक्षक बच्चों को बार-बार पानी पीने, सबसे गर्म समय में घर के अंदर रहने और ढीले सूती कपड़े पहनने की सलाह दें।”
डॉ. निश्चल ने कहा, “मीठे पेय और सोडा से बचना चाहिए, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकते हैं। शहरी इलाकों में कंक्रीट की वजह से रात में भी गर्मी बनी रहती है, जिससे ठंडक मिलना मुश्किल हो जाता है। भीड़भाड़ वाले या बिना वेंटिलेशन वाले घरों में रहने वालों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।”
सुरक्षित रहने के लिए बार-बार साफ पानी पिएं, दोपहर में बाहर निकलने से बचें और घर के अंदर ठंडा रहने के उपाय करें।
“हीट सेफ्टी सिर्फ लू के लिए नहीं, बल्कि गर्मियों में रोजमर्रा की आदतों का हिस्सा होनी चाहिए,” डॉ. निश्चल ने कहा।
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च, दिल्ली की निदेशक डॉ. सुतापा बी. नियोगी ने भी लोगों को “अधिक से अधिक घर के अंदर रहने और खुद को हाइड्रेट रखने” की सलाह दी।
डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक बाहर रहने वालों में चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं।
बीएलके-मैक्स अस्पताल के डॉ. गगन आनंद ने कहा, “यह मौसम हल्के में लेने लायक नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति भी लंबे समय तक गर्मी में रहने से बीमार हो सकते हैं।”
डॉ. आनंद ने कहा, “बाहर काम करने वाले, डिलीवरी वर्कर, निर्माण मजदूर और सड़क विक्रेता बार-बार ब्रेक लें, ओआरएस पिएं और कैफीन या शराब से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकते हैं।”
जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, अकेले रहने वाले पड़ोसियों और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।
डॉ. चोपड़ा ने कहा, “बुजुर्ग और बच्चे अपनी असहजता स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते, इसलिए उन पर नजर रखना जरूरी है। मुख्य फोकस हीट एक्सपोजर कम करने पर होना चाहिए ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।”
तत्काल राहत की कोई संभावना नहीं दिख रही है, ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि जागरूकता और छोटी-छोटी सावधानियां बड़ा फर्क ला सकती हैं और जान भी बचा सकती हैं।

