डिजिटल दौड़ में पिछड़ रहे हैं भारत के गैर-लाभकारी संगठन, तकनीकी अनुदानों में करोड़ों का नुकसान: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 11 जून (पीटीआई): जहां एक ओर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है, वहीं गैर-लाभकारी क्षेत्र इस दौड़ में पीछे छूटता दिख रहा है। ‘डिजिटल फॉर नॉनप्रॉफिट्स’ (D4NP) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक गैर-लाभकारी संगठन डिजिटल रूप से तैयार नहीं हैं।

‘भारत में गैर-लाभकारी संगठनों के लिए डिजिटलीकरण की स्थिति 2025’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में 100 गैर-लाभकारी संगठनों और 2,000 से अधिक डेटा बिंदुओं का विश्लेषण किया गया, जिससे यह सामने आया कि भारतीय गैर-लाभकारी संगठनों का औसत डिजिटल परिपक्वता स्कोर केवल 10 में से 5 है।

रिपोर्ट की एक महत्वपूर्ण खोज यह है कि केवल 17 प्रतिशत गैर-लाभकारी संगठन गूगल ऐड ग्रांट्स जैसे मुफ्त डिजिटल विज्ञापन अनुदानों का उपयोग करते हैं, जिससे प्रत्येक संगठन प्रति वर्ष लगभग 1 करोड़ रुपये के विज्ञापन क्रेडिट से वंचित रह जाता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला अधिकार, कला, खेल और आपदा राहत सहित 12 क्षेत्रों में कार्यरत संगठनों का अध्ययन करने वाली इस रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि जो संगठन डिजिटल उपकरणों को अपनाते हैं, वे अन्य संगठनों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक राजस्व वृद्धि और 30 प्रतिशत बेहतर संचालन दक्षता हासिल करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, केवल 13 प्रतिशत गैर-लाभकारी संगठन बहुभाषी डिजिटल सामग्री प्रदान करते हैं।

इसके साथ ही यह रिपोर्ट शहरी और ग्रामीण गैर-लाभकारी संगठनों के बीच बढ़ती डिजिटल खाई की ओर भी इशारा करती है, जहां शहरों में स्थित संगठन डिजिटल तैयारी में बेहतर स्कोर करते हैं।

डिजिटल अपनाने में रुकावट के रूप में जागरूकता की कमी, तकनीकी विशेषज्ञता की सीमाएं और लागत को लेकर भ्रांतियां प्रमुख कारण बताए गए हैं।

रिपोर्ट में भारत के जमीनी स्तर के बदलाव लाने वाले संगठनों को आधुनिक बनाने के लिए त्वरित नीतिगत और पारिस्थितिक समर्थन की सिफारिश की गई है।

इस अंतर को पाटने के लिए D4NP ने गैर-लाभकारी नेताओं के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं: डिजिटल परिपक्वता का मूल्यांकन करें, उपलब्ध अनुदानों का सक्रिय रूप से लाभ उठाएं, टीम को प्रशिक्षण दें, मोबाइल और बहुभाषी पहुंच को प्राथमिकता दें, और आउटरीच को मापने तथा सुधारने के लिए एनालिटिक्स का उपयोग करें।

डिजिटल फॉर नॉनप्रॉफिट्स अब तक सेवा भारत, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया, ऑल इंडिया डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट और शिवानंद योग आश्रम जैसे संगठनों के साथ मिलकर उनके डिजिटल कौशल को बेहतर बनाने का कार्य कर चुका है।

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