दिल्ली: कक्षा निर्माण में अनियमितताओं को लेकर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई को उपराज्यपाल की मंजूरी

नई दिल्ली, 12 जून (पीटीआई)

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत कक्षा निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर एक वरिष्ठ पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

बताया गया कि आरोपित अधिकारी, जो पहले कार्यकारी अभियंता थे, वर्तमान में अमृतसर में सीपीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं।

अधिकारी ने बताया, “यह फैसला समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिल्ली में शैक्षिक अधोसंरचना को बेहतर बनाने के लिए 226 कक्षाओं के निर्माण हेतु 38.37 करोड़ रुपये आवंटित परियोजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद लिया गया है।”

सतर्कता विभाग ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965 के नियम-14 के तहत पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे प्रमुख सचिव (सतर्कता) और मुख्य सचिव दोनों की मंजूरी मिल चुकी है।

11 जून 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें सरकार से छह नए बने स्कूल भवनों का कब्जा सौंपने का निर्देश मांगा गया था।

इस याचिका के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव ने मामले की जांच कराई, जिसमें निर्माण कार्यों और फंड प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।

मार्च 2024 में गठित समिति की जांच में सामने आया कि पीडब्ल्यूडी ने त्रिनगर स्कूल के लिए आवंटित 20 कक्षाओं के फंड का इस्तेमाल रानी बाग स्कूल में कर दिया और बिना आवश्यक स्वीकृति के एक मल्टीपर्पस हॉल का निर्माण किया गया।

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अधोसंरचना और जगह की उपलब्धता पर समुचित अध्ययन नहीं किया, जिससे क्रियान्वयन के दौरान भ्रम की स्थिति बनी।

इसके अलावा, शिक्षा विभाग निर्माण के लिए बिना अड़चन वाली जमीन उपलब्ध नहीं करा सका, जिससे एक ही परियोजना के लिए दो बार फंडिंग हो गई।