नई दिल्ली, 14 जून (पीटीआई)
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को राजधानी में मौजूदा सर्किल रेट और बाजार मूल्य के बीच अंतर को देखते हुए सर्किल रेट में संशोधन के लिए एक समिति का गठन किया है। यह निर्णय राजधानी में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और व्यापार सुगमता से जुड़े मुद्दों पर टास्क फोर्स के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री ने निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
बैठक में उन्होंने सर्किल रेट संशोधन के निर्देश दिए और इस कार्य के लिए डिविजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में समिति गठित करने की घोषणा की।
समिति मौजूदा बाजार स्थितियों और संपत्ति मूल्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे सर्किल रेट संशोधन का आधार बनाया जाएगा।
गुप्ता ने सभी नागरिक एजेंसियों को अनधिकृत कॉलोनियों के सुधार के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, डीडीए और शहरी विकास विभाग को इन कॉलोनियों में मालिकाना हक और संपत्ति पंजीकरण से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा।
बैठक में टास्क फोर्स ने दिल्ली के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशों वाली रिपोर्ट पेश की, जिनमें सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, सभी एजेंसियों के लिए मानकीकृत विकास नियंत्रण मानदंड, और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए समयबद्ध स्वीकृति शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया कि अमलगमेशन चार्ज (दो या अधिक कमर्शियल प्लॉट्स को मिलाने की लागत) कम की जाए और एमसीडी क्षेत्रों में संशोधित लेआउट प्लान की आवश्यकता न हो। साथ ही, हरित भवन नीति (ग्रीन बिल्डिंग पॉलिसी) को बढ़ावा देने, प्रॉपर्टी टैक्स को तर्कसंगत बनाने, डीएमआरसी को आवंटित भूमि के बेहतर उपयोग, होटलों व अन्य कमर्शियल प्लॉट्स के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) घटाने जैसे सुझाव भी दिए गए।
टास्क फोर्स ने झुग्गी पुनर्विकास को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत प्रोत्साहित करने और ऐसे प्रोजेक्ट्स में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के कारोबारी माहौल को और अधिक कुशल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए टास्क फोर्स को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने संबंधी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
टास्क फोर्स विभिन्न विभागों के साथ मिलकर

